चुनावी समर 2018 सब रजिस्ट्रार केंपस ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा : अधिवक्ता एवं डीड राइटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में सब रजिस्टार सदर के केंपस में लोकतंत्र का वार्षिक पर्व यानी चुनाव दस्तक दे चुका है पर्चे भरे जा चुके हैं, नाम वापस लिए जा चुके हैं, वोटर लिस्ट फाइनल हो चुकी है, चुनाव अधिकारी मुस्तैदी से अपने काम में लगे हैं और उम्मीदवार, मतदाताओं को लुभाने के किसी प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं कोई पूरी और सब्जी पैक करवा कर, हर सीट और ऑफिस मैं भिजवा रहा है तो कोई जलेबी व पूरी सब्जी का भंडारा करा रहा है शाम होते ही शराब की बोतल खुलनी शुरू हो जाती है ,कहीं ब्लैक डॉग, कहीं रॉयल स्टैग, तो कहीं कहीं ब्लेंडर प्राइड की झलक भी देखने को मिल रही है। मतदाताओं के पैर छूकर आशीर्वाद लिए जा रहे हैं, रूठो को मनाया जा रहा है, भड़ास निकाली जा रही है तो कहीं गिले शिकवे दूर किए जा रहे हैं। उम्मीदवार हर किसी को देख कर हाथ मिला रहे हैं ,जिन सीटों की तरफ झांकते भी नहीं थे वहां बैठकर नए पुराने रिश्ते ढूंढे जा रहे हैं।
जिन मतदाताओं की कायदे की बात भी ध्यान से नहीं सुनी जाती थी उनकी बकवाद भी अब प्रशंसा के साथ सुनी जा रही है। पक्ष और विपक्ष जैसा कुछ नहीं है पर कुछ लोग एक तरफ है और कुछ लोग दूसरी तरफ है । आनंद की बात यह है कि लोगो में मतभेद जरूर है पर मनभेद जैसी चीज कहीं दिखाई नहीं देती।
कैंपस के पांच बेहद प्रतिष्ठित लोग, एडवोकेट जितेंद्र नागर, एडवोकेट सतीश शर्मा, एडवोकेट जयवीर भाटी, एडवोकेट अनिल भाटी, एवं एडवोकेट अरविंद भाटी चुनाव अधिकारी यानी पंच परमेश्वर की भूमिका में है ,तो अध्यक्ष पद के लिए मैदान में ताल ठोक रहे है ,वर्तमान अध्यक्ष एडवोकेट कुलदीप भाटी और वरिष्ठ अधिवक्ता वीरपाल नागर जी, जिन्हें केंपस वीपीएस भी कहकर बुलाता है ।उपाध्यक्ष पद पाने की दौड़ में एक तरफ है एडवोकेट रविंद्र भाटी और सामने है एडवोकेट अमित शर्मा और सचिव पद पर सामना है एडवोकेट धर्मेंद्र रावल और एडवोकेट निक्की भाटी मे,व कोषाध्यक्ष पद पर भी दो पर्चे आए थे परंतु एक प्रत्याशी एडवोकेट विकास सक्सेना के परचा वापस ले लेने के कारण इस पद पर एडवोकेट विवेक लोहिया का चयन निर्विरोध संपन्न हो चुका है।
पितृ पक्ष चल रहा है इस दौरान रजिस्ट्री कार्य बहुत कम ही होता है और उधर डूब क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध से काम हल्का हुआ है, ऐसे में चुनावी सरगर्मी ने जैसे सोते हुए कैंपस में जान फूंक दी है और सभी मतदाताओं के कनागत पहले समय के ब्राह्मणों की भांति अच्छे कट रहे हैं।
चुनाव अंतिम कनागत, दिन मंगलवार ,यानी 9 तारीख का है उसी दिन मतगणना और शाम को नतीजे आ जाएंगे। तीन प्रत्याशी चुनाव जीतेंगे और तीन के हिस्से में हार आएगी क्योंकि हर सीट पर दो दो उम्मीदवार है और आमने सामने का मुकाबला है।
अध्यक्ष पद की बात करें तो वर्तमान अध्यक्ष कुलदीप भाटी अपने पिछले 1 वर्ष के कार्यकाल के दौरान किए गए सराहनीय कार्यों के बल पर दूसरा अवसर मांग रहे हैं ,तो वहीं वी पी एस नागर जी पिछले चुनाव के हार की शानभूति की लहर मैं अपना बेड़ा पार कर लेना चाहते हैं। कैंपस में इस बात की खूब चर्चा है कि कुलदीप भाटी का कार्यकाल जबरदस्त रहा है और कैंपस में उनकी सक्रियता व उनका स्वभाव बड़ा प्लस पॉइंट है वहीं बीपीएस की छवि तो बेदाग है, लोग उनका सम्मान भी खूब करते हैं पर कैंपस में वह कुलदीप से काफी कम सक्रिय दिखते हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के भ्रष्ट कर्मचारी एडवोकेट्स और डीड रायटर्स के सम्मान को चुनौती देते हैं ऐसे मैं कुलदीप भाटी की ललकार एडवोकेट एवं डीड राइटर मैं जोश भरती हौ और उनमें ज्यादातर को लगता है कि उनके मान सम्मान की रक्षा कुलदीप भाटी हर तरीके से कर सकता है ।जबकि मृदुल स्वभाव के वीपीएस नागर जी इस मामले में कुछ कमजोर दिखाई पड़ते हैं। वीपीएस जी कैंपस के पुराने स्तंभ है और पुराने साथी रामकिशोर चौहान और कुलदीप के धुर विरोधी डीड राइटर रोहतास नागर का उन्हें समर्थन प्राप्त है वहीं कुलदीप ने हर वर्ग में अपनी पैठ बनाई है ।उसको जहां एक तरफ ब्राह्मण शिरोमणि पंडित सीताराम जी का आशीर्वाद प्राप्त है तो डीड राइटिंग के भीष्म पिता पंडित जतन स्वरूप की भी उस पर कृपा है ।राजनीति के चाणक्य एडवोकेट अजय शर्मा का भरपूर स्नेह उसे मिल रहा है ।कैंपस के विचार वान व्यक्तियों मैं गिने जाने वाले प्रोफेसर डॉ दीपक कुमार शर्मा साहब को कुलदीप लक्ष्मण की तरह दुलारा है ।विक्रम चाचा, भूपेंद्र भाटी, सीमा चौहान, अरुण जैन और रजनीश नेताजी का उसे खुला समर्थन प्राप्त है युवा वोटरों में भी उसका क्रेज बरकरार है। कुलदीप की जीत में संदेह, उसके विरोधियों को भी नहीं है अंतर कितनी वोटों का होगा यह बता पाना मुश्किल है क्योंकि वीपीएस नागर जी भी मजबूती के साथ मैदान में डटे हुए हैं।
उपाध्यक्ष पद के लिए रविंद्र भाटी नया और बेदाग चेहरा है जबकि आसित शर्मा को पिछले वर्ष मतदाताओं ने नकार दिया था। रविंद्र भाटी को जिताने के लिए मोहित शर्मा सुमित शर्मा ने जान लगा रखी है और वो अपने प्रयासों में कामयाब होते दिख भी रहे हैं ।सचिव पद पर धर्मेंद्र रावल और निक्की भाटी मैदान में है दोनों नए चेहरे हैं दोनों को कैंपस के लोग प्यार करते हैं दोनों के बारे में किसी के मन में कोई नेगेटिव बात भी नहीं है पर पिछले 1 वर्ष में निक्की भाटी काफी कम दिखाई पड़े ।धर्मेंद्र रावल का गुर्जर तथा ब्राह्मण से अलग ‘अन्य’ होना उनके पक्ष में रुख मोड़ सकता है।
चुनाव में हारे या जीते कोई भी पर बेहद शानदार और जानदार बात यह है कि ने तो इस साल ही और न पिछले सालों में, चुनाव के दौरान के एक सप्ताह में राजनीति का हर हथकंडा अपनाया जाता है पर मेलजोल बरकरार रहता है और गंभीर विरोध जैसी कोई स्थिति कभी उत्पन्न नहीं होती। नोएडा व्यूज की तरफ से हम सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं कि जो भी प्रत्याशी जीते ,वह कैंपस की बेहतरी के लिए पूरे मन से काम करें।
जय हिंद, जय भारत, जय लोकतंत्र।

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