बुखार के होते हैं कई कारण

ग्रेटर नोएडा : ज्यादातर लोग बुखार को मामूली मानकर उसका इलाज अच्छे से नहीं कराते कई बार बुखार किसी गंभीर रोग के लक्षण के रूप में प्रकट होता है तक असलियत में हमें मालूम हो तब तक देर हो चुकी होती है कई बार बुखार वायरल संक्रमण के कारण होता है जैसे फ्लू , खसरा, चिकन पॉक्स, वायरल हेपेटाइटिस आदि लेकिन कई बार यह गंभीर संक्रमण के कारण होता है जैसे मलेरिया, टाइफाइड TB आदि रक्त किडनी लिंफ ग्रंथि और लीवर के कैंसर के लक्षण के रूप में भी बुखार प्रकट होता है और हम बिना कारण जाने दवा लेकर बुखार से मुक्ति पाना चाहते हैं नतीजन मर्ज बढ़ता जाता है, उत्तर बुखार गंभीर रोगों को बेनकाब करता है रोग के उपचार में आसानी होती है मनुष्य का तापमान सुबह 6:00 बजे न्यूनतम रहता है जबकि शाम 4:00 से 6:00 बजे के मध्य अधिकतम, सुबह 6:00 बजे सामान्य मौखिक तापमान 89.9 डिग्री फेरन हाइट होता है और शाम को 4:00 से 6:00 बजे 99.9 डिग्री फारेनहाइट होता है अगर इससे ज्यादा हो तो बुखार कहते हैं बगल का तापमान मुंह के तापमान से 0.9 डिग्री फारेनहाइट कम रहता है बुखार हमारे लिए कई तरह से लाभप्रद होता है यह शरीर को संक्रमण से बचाने के लिए संघर्ष की प्रक्रिया है उच्च ज्वार की स्थिति में बैक्टीरिया क्षतिग्रस्त हो जाता है, साथ ही यह सफेद रक्त कोशिकाओं की गतिविधियों को बढ़ा देता है लेकिन इससे नुकसान ज्यादा है बुखार के बाद शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन ऊर्जा की आवश्यकता होती है तरल पदार्थ के सेवन की आवश्यकता भी बढ़ जाती है

बुखार के कुछ सहयोगी लक्षण भी होते हैं जैसे पीठ में दर्द, जोड़ों में दर्द, भूख ना लगना, नींद न आना, प्यास लगना, मुंह सूखना, पसीना आना आदि लक्षण है बुखार की स्थिति हेपेटाइटिस की ओर संकेत लक्षण है आंखें पीली व पेशाब पीला होना, भूख कम लगे और पेट के दाहिने हिस्से में दर्द हो क्या हो
पेशाब में जलन, बार बार पेशाब आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द के साथ होने वाला बुखार गुर्दों यह ब्लेंडर की गड़बड़ी के प्रति आगाह करता है नाक बंद होना, नाक से पानी निकलना, गले में खराश, सिर दर्द के साथ होने वाला बुखार वायरल संक्रमण के कारण होता है जो 3 से 4 दिन तक रहता है
उच्च ज्वार, छाती में दर्द, कप निमोनिया के लक्षण है, शरीर और गले में दर्द उल्टियां, दोहरा दिखना, सिर में तेज दर्द चक्कर आने के साथ जो बुखार होता है वह दिमागी आवरण में सूजन कलेक्शन हो सकता है शाम को शरीर का तापमान बढ़ना, रात में पसीना आना, तू क्या खखार में खून आना, भूख, कमजोरी तथा वजन कम होना टी .बी की ओर संकेत करते हैं लगातार बुखार रहना और शाम को बढ़ जाना कब्जियत, सूखी खांसी , तेज सिर दर्द टाइफाइड हो सकता है

ठंड में शरीर में तेज दर्द के साथ अचानक आने वाला तेज जबर काफी समय तक चलता है मामले में बुखार का इलाज सावधानी पूर्वक किया जाना आवश्यक है जब बुखार बढ़ने लगे और 102 डिग्री फारेनहाइट से काफी ऊपर पहुंच जाए तो चिकित्सक की मदद अवश्य लेनी चाहिए तब तक बिना देरी किए शरीर के तापमान को कम करने के लिए सिर पर गीले कपड़े रखनी चाहिए ऐसे मरीज के सिर पर से टोपी मफलर व पैरों के मोजे उतार देनी चाहिए अगर बुखार 106 डिग्री फारेनहाइट हो तो रोगी को तुरंत अस्पताल में दाखिल करना चाहिए ऐसी अवस्था में अपनी मर्जी यह केमिस्ट की सलाह पर ली गई दवाई खतरनाक हो सकती है अधिक समय तक बुखार का बना रहना खतरनाक होता है ऐसे में सुयोग्य चिकित्सक की सलाह बेहद आवश्यक है

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