श्वेत अमृत है दूध

दूध से उत्तम कोई दूसरा आहार नहीं है| दूध एक #संपूर्ण #आहार है जिसमें भोजन के 5 तत्व प्रोटीन ,कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनिरल , वसा एक साथ एक जगह कूट-कूट कर निहित हैं| सृष्टि के आदि ऋषि महात्मा योगी जन हमारे पूर्वज केवल गाय के दुग्ध आहार का सेवन करते थे वह शरीर से महाबली , ओजस्वी ,तेजस्वी ,विलक्षण बुद्धि से संपन्न थे| जैसे खेत को पानी से सिंचा जाता है ऐसे ही वेदों में शरीर को दूध से सींचने को कहा गया है | शुरुआती 2 वर्ष में बच्चा केवल मां के दूध के सहारे होता है उस उम्र में जो पोषण उसे मिलता है वह जीवन भर काम आता है | दूध से ज्यादा बल, बुद्धिवर्धक आहार दुनिया में दूसरा कोई नहीं है|
दूध को लेकर हमारे देश में अनेक लोग कहावतें प्रचलित हैं .. …….
” दूधो नहाओ ,पूतो फलो

जाने बेचा दूध, वाने बेचा पूत”

“मांस खाया मांस बढ़े , घी खाए खोपड़ी
दूध पी के भाग चली,सौ वर्ष की धोकड़ी ( बुढ़िया)”

ऐसी अनेक कहावतें गांव गांव में प्रचलित थी दूध इस देश की समृद्धि व स्वस्थ का आधार था|

“किसी समय इस देश में
दूध की नदियां बहती थी,
प्याऊ दूध की लगी भारत में
सारी दुनिया कहती थी|”

आज हमारा देश विश्व में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादक देश बन गया है #डेनमार्क को पछाड़कर लेकिन क्या वह दूध देश के युवाओं की रगों में जा रहा है | आज देश में दूध कि नहीं शराब की प्याऊ लगी हुई है |यह कैसा #समाजवाद, कैसी राजव्यवस्था है जहां दूध जाना चाहिए वहां युवाओं युवाओं की रगों में नशा जा रहा है| जिनको दूध मिल रहा है उन्हें दूध के नाम पर #यूरिया मिलावटी नकली दूध जहर के रूप में जा रहा है| यही कारण था हमारे पूर्वजों द्वारा दूध का विक्रय, व्यापार प्रतिबंधित किया था |दूध बेचना निंदनीय वर्जित था क्योंकि स्वभाव से लालची मनुष्य दूध में मिलावट करेगा देश के स्वास्थ्य को खराब करेगा ,राष्ट्र की समृद्धि प्रभावित होगी|

अगले लेख में दूध किस विधि से सेवन करना चाहिए| कितनी मात्रा में ,किस पदार्थ के साथ ,कौन से पशु का दूध उत्तम है आदि विषयों पर विचार किया जाएगा, लिखा जाएगा चर्चा अगले अंक में जारी रहेगी……….

आर्य सागर खारी

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