बारूद के ढेर पर ग्रेटर नोएडा

टीकम सिंह|ग्रेटर नॉएडा

अभी हाल ही में नारकोटिक्स विभाग के द्वारा किये गये नशे के कारोबार के भंडाफोड़ के बाद पूरे ग्रेटर नोएडा में दहशत का माहौल है।हर कोई इतने बड़े स्तर(1800 किलो) पर मिले मादक पदार्थों को लेकर अपनी चिंता जता रहा है और चारों ओर इसी पर बात हो रही है।हर ओर भय का माहौल व्याप्त है ।सभी लोग इसके लिए सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार मान रहे हैं क्योंकि शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस के ही हाथों में होती है और उनकी संलिप्तता के बिना इस प्रकार का धंधा चल ही नहीं सकता।

“ग्रेटर नोएडा में विदेशी मूल के नागरिकों और पुलिस के गठबन्धन से नशा और जिस्मफरोशी का धंधा पिछले काफी समय से चल रहा है इसलिए पुलिस इन्हें कभी गिरफ्तार नही करती। यह तो नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने एयरपोर्ट पर एक विदेशी मूल की महिला को ड्रग्स के साथ पकड़ लिया था | जिसके बाद उसकी निशानदेही पर उन्होंने ग्रेटर नोएडा में छापेमारी की और इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स का जखीरा पकड़ा गया। नॉलेज पार्क ड्रग्स बेचने का इनका मुख्य अड्डा है ,जहां पर ये लोग देश की अलग-अलग जगहों से यहाँ पढने आए हुए छात्रों को नशे की सप्लाई करते हैं। यदि पुलिस प्रशासन ईमानदारी से कार्यवाही करें तो इससे भी बड़ी मात्रा मे ड्रग्स उन्हें गांव तुगलपुर में मिल सकती है जोकि ड्रग्स जमा करने का इनका मुख्य अड्डा है।हमने कई बार इस बारे में पुलिस को शिकायत की है लेकिन आज तक पुलिस द्वारा कोई भी कार्यवाही इस बारे में नहीं की गयी है.”(राजकुमार भाटी ,प्रवक्ता समाजवादी पार्टी)

“मैनेे ग्रेटर नोएडा की चौड़ी-२, साफ- स्वच्छ सड़कों और चारों तरफ फैली हरियाली को देख कर अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपने जीवन भर की जमा पूंजी से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर सिग्मा-4,स्थित स्टेलर सिग्मा अपार्टमेन्ट में मकान खरीदा था और सोचा था कि अब परिवार के साथ यहां सुकून से रहूंगा | लेकिन ड्रग्स के इतने बड़े जखीरे के बारे में सुनकर मै हैरान हूं कि नशे के ये सौदागर इतने सारे ड्रग्स से क्या इस पूरे के पूरे शहर को तबाहो बर्बाद करना चाहते थे जो इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ इकट्ठे कर रखे थे।
जहाँ एक ओर यदि कोई वाहन चालक ट्रेफिक सिग्नल का गलती से भी उल्लंघन कर दे तो पुलिस उसके साथ ऐसा व्यवहार करती है जैसे कि मानो उसने दुनिया का सबसे बडा अक्षम्य अपराध कर दिया हो और उसे नियम कानून के नाम पर प्रताडित करते है, वहीं दूसरी ओर पुलिस के एक बडे अधिकारी के घर में ही नशे का इतना कारोबार चलता रहा और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक भी नही लगी। इससे पुलिस की कार्यशैली पर संदेह होता है |
इसके अलावा हमारे सेक्टर सिग्मा-4 में भी काफी तादात में अफ्रीकी मूल के नागरिक रहते हैं।हम लोग सुबह शाम जब बाहर टहलने के लिए जाते हैं तो कई बार इनको संदिग्ध गतिविधियाँ करते हुए देखते हैं। हमारे सेक्टर मे कभी भी पुलिस की गश्त नही होती है,जिस कारण ये अफ्रीकी मूल के नागरिक खुलेआम सेक्टर और हमारी सोसाइटी में अपनी मनमर्जी करते हैं।मेरा एक बेटा है जो अब जवान हो रहा है और ग्रेटर नोएडा के बिगडते माहौल के कारण अब हमें उसके भविष्य की चिंता सता रही है। “डा० नरेन्द्र सिंह डागर (पूर्व कृषि वैज्ञानिक,चौ.चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय,हिसार)

“जिला प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत के कारण यह धंधा फल-फूल रहा है। पिछले 5-6 साल से नॉलेज पार्क नशेडियों का अड्डा बन चुका है ,जहाँ नशे के व्यापारी नाइजिरियन विभिन्न संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ड्रग्स की सप्लाई करते हैं। पुलिस और प्रशासन का इन लोगों के साथ मिला होना बेहद निंदनीय बात है ।सभी अफ्रीकन मूल के निवासियों का वास्तविक रूप से सत्यापन होना चाहिए और उत्तर प्रदेश सरकार को इस बारे में सख्त कदम उठाने चाहिए अन्यथा ग्रेटर नोएडा भी पँजाब की तरह नशे के जाल में फँस कर बर्बाद हो जायेगa.” (प्रवीण भारतीय, करप्शन फ्री इंडिया संगठन)

“यह कार्य कुछ भ्रष्ट नेता ,पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव हो ही नहीं सकता .विडंबना देखिए कि हम सरकार को टैक्स के रूप में मोटा पैसा देते हैं ,जिस पैसे से पुलिस और अन्य सरकारी महकमों के लोगों को तनख्वाह दी जाती है ताकि वे हमारी सुरक्षा कर सकें लेकिन उसके बावजूद ये लोग हमारी सुरक्षा के स्थान पर हमारे बच्चों के भविष्य को बर्बाद करने वाले मौत के सौदागरों का सहयोग कर रहे हैं .हम कई बार एसएसपी से मिलने के लिए गए लेकिन उनके कार्यालय में इतनी भीड़ होती है कि उनसे मुलाकात संभव नहीं हो पाती.थाने में लोगों की समस्याओं को नहीं सुना जा रहा है ,जिस कारण आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एसएसपी के पास जाना पड़ता है जिससे वहां लोगों का तांता लग रहता है|
(रुपा गुप्ता ,महिला उत्थान शक्ति उत्थान मंडल)

“मै स्टेलर सिग्मा अपार्टमेन्ट,
सिग्मा-4 में रहता हूँ।यहाँ कई लोगों ने अपने फ्लैट अफ्रीकी मूल के नागरिक को किराये पर दिये हुए हैं। जानकारी मिली है कि इनका या तो पुलिस वैरिफिकेशन है ही नही और यदि किसी का है भी तो वो लगता है कि खानापूर्ति मात्र है जो पुलिस द्वारा पैसे लेकर बना दिया जाता है। इसमें प्रॉपर्टी डीलर भी इनके साथ मिले हुए हैं,जो मोटी रकम लेकर इन्हे यहाँ फ्लैट दिलाने में मदद करते है। ये लोग रात में 1:00 बजे के बाद सोसाइटी में गाड़ियां भर भर कर आना शुरू हो जाते हैं ,जिनमें लड़कियां और अन्य लोग भी होते हैं ।उसके बाद ये लोग रात भर यहां हुड़दंग मचाते हैं, शोर मचाते हैं,तेज आवाज मे म्यूजिक बजाकर पार्टी करते है, कई बार तो आपस मे मार पिटाई भी करते हैं। इनकी इन हरकतो के कारण सोसाइटी में हमारा रहना दूभर हो गया है | पुलिस प्रशासन ने यदि जल्दी कोई कार्यवाही नहीं की तो कोई भी अप्रिय घटना हमारी सोसाइटी में हो सकती है| “
(अनुज कुमार भार्गव ,पूर्व मौसम वैज्ञानिक ,भारत सरकार)

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