अजन्मी कन्या की आवाज़:महिला दिवस विशेष

अजन्मी कन्या की आवाज़ माँ मुझे डर लगता है कहीं समाज के डर से तू मुझे खो न दे माँ मुझे जन्म लेना है तेरे ऑचल में बड़ा होना है पिता की गोद में बैठ्ना है भाई के साथ खेलना व पढ्ना है दादी से कहानी भी सुननी है दादजी के कांधो पर बैठ् मेला देखना है पर माँ मैं डरती हूँ कहीं समाज के डर से तू मुझे खो न दे तुझसे गुहार है माँ मुझे जन्म लेने दे माँ तेरा हाथ बटाना है तेरे साये मै बैठ माँ…

Read More