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बेसहारा परिवार के बच्चो की सहारा बनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।

नोएडा। आज पूरा विश्व कोरोना की महामारी से लगातार टूटता ही जा रहा है, अन्य देशों समेत भारत पर भी इसका असर अब साफ तौर पर आम लोगो की टूटती आर्थिक स्थिति पर भी दिखाई पड़ने लगा है। ऐसी ही टूटती आर्थिक स्थिति में बेसहारा परिवारों के बच्चो को सहारा देने का कार्य नोएडा के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा किया जा रहा है।


भारत सरकार प्रत्येक व्यक्ति के बचाव के साथ उनके खाद्य सामग्री एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इन सभी बातों के निर्देशानुसार गौतमबुद्ध नगर प्रशासन लगातार सरकार एवमं गैर सरकारी संस्थाओं के सहयोग से पूरे जिले में राशन एवं खाद्य सामग्री का वितरण जरुरतमंदों तक पहुँचने का प्रयास निरंतर कर रही है। जिसके लिए प्रशासन पुलिस एवमं अन्य हितधरको के द्वारा इन सभी कार्यो को करने का कार्य कर रही है, परंतु अभी भी गौतमबुद्ध जिले के बहुत से गांव तक सभी सुविधाओ का अभाव है। जिसके तहत पोस्ट- रबपुरा, ग्राम- मकसूदपुर गौतमबुद्ध नगर की स्थिति सामने आई है। जिमसें आई0सी0पी0यस के तहत स्पॉन्सरशिप के अंतर्गत 3 बच्चो के परिवारों की दयनीय स्थिति की जानकारी नोएडा के मकसूदपुर गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कीर्ति देवी जी के द्वारा जिला बाल कल्याण विभाग की श्रीमती विभा त्रिपाठी जी को प्राप्त हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार तीनो ही परिवार के मुखिया मज़दूरी का कार्य करके अपने पालन पोषण करते थे। जिसमे से एक परिवार के बच्चे के पिता श्री रामचंद्र (परिवर्तित नाम) की पैर की हड्डी टूटने के कारण स्थिति और भी खराब हो गयी थी। अतः नोएडा के बाल कल्याण विभाग ने चेतना संस्था को उन बच्चो की जानकारी उपलब्ध कराई। जिसका संज्ञान लेते हुए संस्था ने मकसूदपुर ग्राम के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कीर्ति देवी के सहयोग से सभी परिवारों की जानकारी ली तथा उनके बैंक एकाउंट में पैसे ट्रांसफर के माध्यम से सहयोग किया और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने उस सहयोग राशि के माध्यम से नज़दीकी दुकान से राशन खरीद कर उन बच्चो के परिवारों तक मदद पहुचाई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने संस्था एवं नोएडा जिला बाल कल्याण विभाग को मध्यप्रदेश से आये हुए अन्य परिवारों और उनके बच्चो की जानकरी भी उपलब्ध कराई गई है, जो गांव में सड़क बनाने के कार्यो के लिए किसी ठेकेदार के द्वारा यहाँ लाये गए थे। लॉकडाउन की वजह से सड़क बनाने का कार्य भी बंद हो गया है और ठेकेदार से उन्हें कोई मदद न मिलने की वजह से उनकी भी दयनीय स्थिति है।

संस्था के श्री संजय गुप्ता ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के इस काम की सहराना करते हुए जानकारी दी है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बाल कल्याण विभाग की मदद से स्थान्तरित परिवार की भी जानकरी ली जाएगी और उन्हें भी सहयोग प्रदान करने की कोशिश करने का प्रयास किया जाएगा।

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