05/20/2022
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नशे बाजी का विरोध करने पर समाजसेवी के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता।

टीकम सिंह | ग्रेटर नोएडा

आज उस समय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पर हडकम्प मच गया जब हजारो लोग वहाँ जमा हो गये।वायका यह है कि बुधवार शाम तुगलपुर गांव में सड़क किनारे कुछ लोग नशा कर रहे थे तभी वहाँ से शहर के जाने-माने समाजसेवी महेंद्र प्रधान गुजरे और उन्होने नशा करने वाले लोगो का नशा करने के लिए विरोध किया तो नशेबाजों ने उनके साथ अभद्रता की।

महेन्द्र प्रधान के बेटे मनोज ने बताया कि जब इस बात की सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिस सूचना देने की आधा घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची और नशेबाजों के ऊपर कार्यवाही करने के स्थान पर महेंद्र प्रधान और तुगलपुर गांव के अन्य लोगों को ही धमकाने लगे। जब इस बात का विरोध किया गया तो पीसीआर के साथ आये पारुल धामा और अनिल कुमार नामक पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। चूंकि महेंद्र प्रधान क्षेत्र के जाने-माने व्यक्ति हैं तो उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार होते देख आसपास के सैकड़ों लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए और पुलिस के बर्ताव के खिलाफ आक्रोशित हो गए परंतु महेंद्र प्रधान ने उन्हें समझाया कि हम सामाजिक लोग हैं और कानून का बहुत सम्मान करते हैं इसलिए इन पुलिसकर्मियों से बात करने के बजाय हम कल एसएसपी महोदय से इसकी शिकायत करेंगे। जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और इस प्रकार महेंद्र प्रधान की सूझबूझ के कारण वहां अप्रिय घटना होने से बच गई ।आज इसी बात को लेकर हजारों लोग एसएसपी कार्यालय पहुंचे हैं परंतु कल मुख्यमंत्री का शहर में दौरा होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है ।

महेंद्र प्रधान के भतीजे ने संजय भैया ने बताया कि हमने इस बारे में लिखित शिकायत एसपी ग्रामीण विनीत जयसवाल को दे दी है और उन्होंने संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही करने का वायदा किया है ।संजय भैया ने आगे कहा कि यदि पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई तो फिर कल मुख्यमंत्री की बैठक का घेराव किया जाएगा ।

ज्ञात रहे कि तुगलपुर गांव नशा और अवैध धंधों का गढ़ बन गया है जिससे यहां रहने वाले लोग बेहद परेशान हैं ।इस बारे में कई बार लोग आवाज उठा चुके हैं और समाचार पत्रों में भी इस बारे में कई बार लिखा जा चुका है परंतु फिर भी पुलिस और प्रशासन इस और ध्यान नहीं दे रहा है जिससे इस बात की आशंका होती है कि कहीं पुलिस इस गोरखधंधे में शामिल तो नहीं है।

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