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वैश्विक महामारी कोरोना संकट एवं समाधान विषय पर राष्ट्रीय वेबीनार कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

यूपी |

आज दिनांक 9 मई को अट्ठारह सौ सत्तावन के क्रांतिनायक अमर शहीद धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान मेरठ, उत्तर प्रदेश, भारत द्वारा धनसिंह कोतवाल जी की संघर्ष गाथा एवं शहादत को नमन करते हुए वैश्विक महामारी कोरोना संकट एवं समाधान विषय पर राष्ट्रीय वेबीनार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग गुरु स्वामी कर्मवीर जी महाराज के दिव्य सानिध्य में किया गया । राष्ट्रीय वेबीनार कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय राज्यसभा सांसद श्री विजय पाल सिंह तोमर द्वारा की गई । माननीय सांसद श्री विजय पाल सिंह तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वह अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति के वास्तविक नायक अमर शहीद धन सिंह कोतवाल थे ।जिन्होंने पुलिस एवं क्षेत्रीय जनता को मिलाकर क्रांति में बड़ी भूमिका कीः। आज उनके प्रति श्रद्धांजलि यही होगी की राष्ट्र के प्रति जिस तरह का भाव उनके मन में था वही भाव आम आदमी के मन में होना चाहिए , उन्होंने कहा कि आज भी देश उसी तरह के संकट से गुजर रहा है ।
इस अवसर पर स्वामी कर्मवीर जी महाराज की दिव्य उपस्थिति और सानिध्य लोगों को प्राप्त हुआ। स्वामी कर्मवीर जी महाराज ने कहा कि भारतवर्ष में आज से नहीं पहले से ही मौसम बदलने पर नजला जुकाम आदि की समस्याएं आती रही हैं, लेकिन वर्तमान में कोरोना जैसी महामारी को कुछ अधिक प्रचार-प्रसार दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना कफ की बीमारी है। जिसे इसी दृष्टिकोण से लेना व समझना चाहिए।
स्वामी जी महाराज ने कहा कि रोग निरोधक क्षमता बढ़ाने का हमें निरंतर प्रयास करना चाहिए। इसके लिए वेद और वैदिक संस्कृति की शरण में जाना समय की आवश्यकता है।
स्वामी जी महाराज ने कहा कि हमारे फेफड़े मधुमक्खी के छत्ता की तरह हैं । जिसमें अनेकों कोशिकाएं हैं। जिनमें मधु भरा रहता है। हमें इसे रोज ताजी हवा भेजने का प्रयास करना चाहिए । जिसे प्राणायाम के माध्यम से ही भेजा जा सकता है। योगाभ्यास और प्राणायाम करते रहने से कोरोना को मात दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त हमें सकारात्मक सोच रखनी चाहिए । इसके अतिरिक्त समय पर खाना व समय पर उठना चाहिए। स्वस्थ रहना है , कोरोना को हराना है – हमें इस मंत्र को या नारे को आज की आवश्यकता के अनुरूप ढालकर एक संघर्ष के रूप में मैदान में उतर कर कार्य करना चाहिए। हमें सोचना चाहिए कि हम कोरोना जैसे शत्रु को हरा देंगे। स्वामी जी महाराज ने कहा कि गन्ने का रस हमें लेना चाहिए। यह कफ का नाश करता है। इसमें नींबू का प्रयोग भी हमें करना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और बागपत से वर्तमान सांसद डॉक्टर सत्यपाल सिंह ने कहा कि कहा कि यह मेरे लिए बड़े गौरव की बात है की अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति नायक अमर शहीद धन सिंह कोतवाल की जन्मस्थली पांचली खुर्द गांव मेरे संसदीय क्षेत्र में है। मैं उनसे बहुत प्रभावित हूं और धन सिंह कोतवाल जी ने बहुत बड़ी शहादत दी है। पांचली खुर्द गांव ने बहुत बड़ी शहादत दी है। उनकी शहादत को भुलाया नहीं जा सकता । साथ ही उन्होंने कहा कि आज देश वर्तमान कोरोना संकट से जूझ रहा है देश का जो मेहनती वर्ग है वह इस समय कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से बचा हुआ है , क्योंकि वह रोज पसीना बहाता है। हम जैसा अंदर से हैं वैसा ही बाहर से बने। तनाव से बचें और न तनाव किसी को देने का विचार करें।
डॉक्टर सत्यपाल सिंह जो कि अपनी विद्वता और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं ने कहा कि तनाव से बचने के लिए डॉक्टर कहते हैं कि अधिकतर बीमारियां हमें तनाव से ही लगती हैं। आदमी को दो नावों पर सवार नहीं होना चाहिए। किसी प्रकार के दबाव को अपने भीतर स्थान नहीं देना चाहिए, बल्कि सीधी सपाट सच्ची जिंदगी जीने के लिए अच्छे विचारों को अपना कर आगे बढ़ना चाहिए । यदि हम ऐसी सोच के साथ आगे बढ़ते हैं तो कभी बीमार नहीं होते ,लेकिन जब आदमी दो नावों पर सवार होता है तो बीमार होता है अर्थात अंदर कुछ और बाहर कुछ बोलने वाला व्यक्ति तनाव में शीघ्र आता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉक्टर डी.पी वत्स माननीय राज्यसभा सांसद एवं पूर्व अध्यक्ष हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन ने धन सिंह कोतवाल जी की शहादत को राष्ट्रीय शहादत का दर्जा दिया उन्होंने कहा कि धन सिंह कोतवाल जी ने यदि है क्रांति में मक्षत्व पूर्ण भूमिका नहीं निभाई होती तो पुलिस महकमे का मनोबल इतना ना बढता। पुलिस विभाग अपने आपको गौरवान्वित महसूस ना कर पाता। उन्होंने कहा कि मैंने अब तक केवल सेना के योगदान के संदर्भ में ही सुना था लेकिन केवल धन सिंह कोतवाल जी के बारे में जानकर मुझे ऐसा प्रतीत नाम है ऐसी जानकारी हुई है कि वास्तव में धन सिंह कोतवाल पुलिस धन सिंह कोतवाल के रूप में पुलिस की भी क्रांति में बहुत बड़ी भूमिका थी उन्होंने यही इच्छा जाहिर की कि कोरोना संकट के बाद में धन सिंह कोतवाल जी के गांव पांचली खुर्द का दौरा करेंगे । ताकि वहां के उनकी शहादत के बारे में जान सकें और उनकी उनको सच्ची श्रद्धांजलि दे सकें ।
डॉ वत्स ने अपने विशिष्ट अंदाज में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मानुशासन हमारे रिष8यों की एक बहुत बड़ी देन है। उन्होंने कहा कि आत्मानुशासन ही योग है। क्योंकि योग चित्त की वृत्तियों के विरोध का नाम है। चित्त की वृत्तियों का निरोध कर लेना अर्थात अपने आप को आत्मानुशासित कर लेना, मर्यादित कर लेना, संतुलित कर लेना ही योग् है। जो हमें दुख से हटा सके वह योग है। इस विषय को स्पष्ट करते हुए डॉ वत्स ने कहा कि गीता में हमें यही बताया गया है कि दुख से हटने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। अपने आप को सकारात्मक बनाए रखें। अपने दुर्गुणों को देखें और दूसरों के गुणों को देखें। यदि ऐसी सोच अपनाएंगे तो निश्चित रूप से गंभीर बीमारी या महामारी से पार पा सकेंगे।।
माननीय सांसद श्री राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि धन सिंह कोतवाल ने 1857 की क्रांति में जो भूमिका अदा की उससे संपूर्ण मेरठ की जनता अपने आप को बहुत गौरवान्वित महसूस करती है। इतिहास में उन्हें वही स्थान प्राप्त नहीं हुआ जो प्राप्त होना चाहिए था ।इतिहास के पन्नों में उनके कार्य और उनकी दिल्ली तक की यात्रा को जल्दी दर्ज कराया जाएगा ।साथ ही उन्होंने कहा कि ने कहा कि हम प्रकृति के अनुसार नहीं रहते। रात को देर तक जागते हैं दिन में देर तक सोते हैं। यह प्रवृत्ति हमारे शरीर के लिए बहुत खतरनाक है। यदि हम प्रकृति के अनुसार अपने आप को ढालें तो निश्चित रूप से हम एक सार्थक जीवन जीने में सफल हो सकते हैं।
डॉक्टर अशोक जैनर वरिष्ठ सलाहकार नेशनल हेल्थ सर्विस इंग्लैंड तथा डॉ रेनू जैनर वरिष्ठ सलाहकार नेशनल हेल्थ सर्विस इंग्लैंड ने शहीद धन सिंह कोतवाल को नमन करने के उपरांत कोरोना से निपटने के लिए 4 बिंदुओं को विस्तार से बताया।
नंबर 1 भारत में नियमानुसार सभी को वैक्सीन लगवाना चाहिए ।क्योंकि वैक्सीन के बाद यदि कोई कोविड-19 से संक्रमित होते हैं , तो भी हॉस्पिटल जाने की जरूरत नहीं है, हॉस्पिटल जाए बिना ही व्यक्ति ठीक हो जाएगा ।
नंबर दो कोविड़ से डरे नहीं, समय से जांच कराकर घर पर ही इलाज लेना शुरू करें , ज्यादातर मरीजों को अस्पताल ले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। सावधानी बरतें सही तरह से मास्क पहने , बार-बार हाथ धोए, बाहर कम से कम निकले और दूसरों से 2 गज की दूरी बनाकर रखें ।
नंबर 4 यदि बुखार लगातार आ रहा है और तेज बुखार है तो चौथे दिन से पांचवे दिन डॉक्टर से संपर्क करें और सलाह लेकर दवाई शुरू करें , लापरवाही ना बरतें।
राष्ट्रीय वेबिनार कार्यक्रम का संचालन शोध संस्थान के चेयरमैन एवं वंशज तस्वीर सिंह चपराना ने किया ।्
वेबीनार में स्वागत लोकप्रिय प्रमुख श्री सरजीत कुमार सिंह ने किया । एवं सभी राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े विद्वानों का धन्यवाद ज्ञापन धन सिंह कोतवाल जी की जन्म स्थली पांचली खुर्द के पूर्व ग्राम प्रधान श्री गोपाल सिंह गुर्जर ने किया ।
कार्यक्रम में माननीय पूर्व मंत्री श्री नवाब सिंह नागर ,.माननीय विधायक श्री श्री चंद शर्मा , माननीय विधायक श्री कमल मलिक, तथा महाराष्ट्र , हिमाचल प्रदेश, पंजाब , हरियाणा, जम्मू कश्मीर ,उत्तर प्रदेश ,उत्तराखंड ,मध्य प्रदेश एवं दिल्ली के लोगों ने प्रतिभाग किया तथा अपने विचार रखे इन सब ने धन सिंह कोतवाल जी की शहादत को नमन किया साथ ही डॉक्टरों से कोरोना संकट से निपटने की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर डॉ सतीश शास्त्री, अब्दुल रहीम ,अरुण पाटील ,डॉक्टर कुलदीप सिंह ,श्रीमती ताजीम अख्तर, चौधरी , डॉक्टर जावेद राही , श्री काला दिन हिमाचली, श्री देवराज गुर्जर ,श्री मुकेश चौधरी, श्री राकेश कुमार आर्य, श्री यतेंद्र कटारिया ,डॉ राकेश राणा इंजीनियर सुरेंद्र वर्मा, कैप्टन सुभाष, विजय पाल सिंह गुमि , श्रीमती सिम्मी भाटी श्री डॉक्टर पूनम, श्री मंजू ठाकुर, साजिया आदि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ सतीश शास्त्री, राजबल सिंह, योगेंद्र कुमार ,लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स वर्तमान में राज्यसभा सदस्य, डॉक्टर विनोद , जागेश वर्मा, सिम्मी भाटी, लंदन से उपस्थित रही डॉक्टर रेणुका जेनर आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
वरिष्ठ समाजशास्त्री और विद्वान प्रोफेसर राकेश राणा ने कहा कि हमारे क्रांतिकारी रहे शहीद धन सिंह कोतवाल और उनके साथियों की भावनाएं भारतीयता को प्रकट करने की थी। यदि उनके सपनों का भारत हम बनाए होते तो निश्चित रूप से आज कोरोना जैसी बीमारी हमारे सामने नहीं होती । क्योंकि तब हम एलोपैथी की ओर न जाकर आयुर्वेद की ओर बढ़ते जो हमें स्वस्थ रखने में युवाओं से सहायक रहा है।

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