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“गांव में किसी भी भाजपा नेता और कार्यकर्ता के आने पर रोक है”- गांव आछेपुर

ग्रेटर नोएडा के गांव में भाजपा नेताओं के गाँव मे प्रवेश पर रोक के पम्पलेट लगे। विधानसभा चुनावों में बहिष्कार के भी लगाए गए पम्पलेट।

ग्रेटर नॉएडा(कपिल कुमार )

ग्रेटर नोएडा के जेवर विधानसभा के एक गांव में घर घर पर पम्पलेट लगें हुए है जिनपर लिखा है “गांव में किसी भी भाजपा नेता और कार्यकर्ता के आने पर रोक है” इसके अलावा कुछ पंपलेट पर लिखा है कि “मुकदमे वापस नही हुए तो करेंगे चुनावो का बहिष्कार” इस तरह के पम्पलेट पूरे गांव में घर घर पर लगे हुए है।जिनको की गांव वालों ने पँचायत करके लगाया है।

पीड़ित

दरसल यह पूरा मामला जेवर विधानसभा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के आछेपुर गांव का है, जहाँ ग्रामीणों ने आज एक पँचायत की और पँचायत में फैसला किया कि अगर उनपर दर्ज मुकदमे वापस नही हुए तो वो चुनावो का बहिष्कार करेंगे और गांव में किसी भी भजपा नेता और कार्यकर्ता को प्रवेश नही करने देंगे। इसके लिए बकायदा उन्होंने पम्पलेट छपवाए और उनको पूरे गांव में घर घर और गांव के प्रवेश मार्गो पर लगाया गया। दरसल ग्रामीणों के गुस्से कारण ये है कि बीते 2 अगस्त को गांव की एक महिला पूनम (28 वर्ष) की रबूपुरा में एक निजी अस्पताल में ऑपेरशन के दौरान मौत हो गयी थी, जिसपर परिजनों ने डॉक्टरो पर लापरवाही का आरोप लगाया था, और डॉक्टर के खिलाफ लिखित में शिकायत थाने में दी थी। जिसके बाद पुलिस में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था लेकिन लिखित शिकायत के बाद भी मुकदमा दर्ज नही किया गया था, जिसको लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और वो 3 अगस्त को शव को रबूपुरा गोलचक्कर पर रखकर धरने पर बैठ गए थे। लोगो का आरोप है कि करीब 4 घण्टे धरने पर बैठने के बाद आरोपियो के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद लोगो ने धरना समाप्त कर दिया था। अब लोगो का आरोप है कि पुलिस ने उल्टा उन्ही लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है, धरना देने पर रबूपुरा कोतवाली में 31 नामजद व 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, सड़क जाम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।जिसके बाद लोगो का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पँचायत का आह्वान किया।

पीड़ित सुरेंद्र भाटी ने कहा कि पुलिस आरोपियो को बचाना चाह रही है ,अस्पताल की लापरवाही के चलते उनके परिवार के एक सदस्य की जान चली गयी,जिसके न्याय के लिए उन्होंने शांतिपूर्ण धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियो को पकड़ने की बजाय पुलिस उल्टा उन्ही पर फैसले के लिए दबाब बना रही है, फैसले के लिए मना करने पर लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।

मामले में ग्रामीण मुख्यमंत्री और अन्य पुलिस अधिकारियों से इस मामले में कार्यवाही की मांग कर चुके है। इन लोगो ने मुख्यमंत्री से शिकायत में कहा है कि स्थानीय पुलिस निर्दोष लोगों को फंसा रही है और आरोपियो को बचा रही है।

इस समय पूरे गांव में घर घर पर और गांव के मुख्य प्रवेश मार्गो पर पम्पलेट लगाए गए है। किसी पम्पलेट में चुनावो के बहिष्कार की बात लिखी गयी है तो किसी भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं के गांव में प्रवेश रोक की बात लिखी गयी है। इस समय गांव के लोगो मे काफी रोष देखने को मिल रहा है।

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