Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● Greater Noida में फर्जी पुलिस बनकर GST सलाहकार का अपहरण, 29 लाख की फिरौती वसूली; पांच गिरफ्तार, दो की तलाश ● प्रहरी ऐप से डर रहे ठेकेदार, ग्रेटर नोएडा में पंजीकरण को लेकर बढ़ी हलचल ● नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बारिश से जलभराव, पार्किंग तक पहुंचना हुआ मुश्किल ● जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख की ठगी, बिसरख पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा ● विकास के साथ नई सड़कों पर भी जोर दे प्राधिकरण, सरकारी जमीन से इकोटेक-16 के लिए निकल सकता है बेहतर रास्ता ● International Youth Day 2026: आज है अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस, जानें इतिहास, थीम और महत्व ● नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और HCL GUVI की साझेदारी से डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर शिक्षा को बढ़ावा ● दादरी में 14 अगस्त को राजा राव उमराव सिंह भाटी की स्मृति में भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह ● World Organ Donation Day 2026: अंगदान से बच सकती है कई जिंदगियां, जानें महत्व, इतिहास और कैसे लें संकल्प ● राम मंदिर ट्रस्ट में फुल-टाइम CEO की नियुक्ति की तैयारी, 5200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, ट्रस्ट के भीतर बढ़ा दबाव

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने दोनों इस्तीफों की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
top-news

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने दोनों इस्तीफों की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। गौरतलब है कि छह जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था, जिसके बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने 23 जून को गृह विभाग को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें एफआईआर दर्ज करने सहित कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं। इसके बाद ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और कार्रवाई तेज कर दी गई। लगातार उठ रहे सवालों और बढ़ते दबाव के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा इस पूरे मामले का सबसे बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।


एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव, गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। रातभर चली पूछताछ के बाद करीब 79.85 लाख रुपये की बरामदगी भी की गई। मेडिकल परीक्षण के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच एजेंसियां अब चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी स्वीकार किया कि दोनों ट्रस्टियों पर आरोपों के चलते दबाव बना हुआ है। वहीं, एफआईआर में आरोपियों के पिता के नाम और पते का उल्लेख न होने तथा गणना कर्मियों का पूरा विवरण गायब होने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया है।


इस पूरे मामले ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है, हालांकि उनके खिलाफ अब तक कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में दो बैंक अधिकारियों और कुछ बैंक कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत भी सामने आई है, जिसके चलते भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के बाद विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग न किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। एसएसपी ने केवल इतना कहा है कि विवेचना जारी है और अच्छी-खासी बरामदगी हुई है। अब सबकी निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि उसी के आधार पर आगे ट्रस्ट के पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की दिशा तय होगी। इस मामले ने न केवल राम मंदिर ट्रस्ट बल्कि उसकी पारदर्शिता, जवाबदेही और भविष्य की व्यवस्था को लेकर भी राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *