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हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर GNIDA का शिकंजा, बिजली कनेक्शन देने से किया इनकार
प्राधिकरण द्वारा नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे हिंडन के डूब क्षेत्र में बने किसी भी अनधिकृत निर्माण को बिजली आपूर्ति न दें।
- sakshi choudhary
- 18 Jul, 2025
प्राधिकरण ने दिए NPCL को स्पष्ट निर्देश – “अवैध निर्माण को न दें बिजली कनेक्शन”
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करते हुए बिजली कनेक्शन नहीं देने का बड़ा आदेश जारी किया है। प्राधिकरण द्वारा नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे हिंडन के डूब क्षेत्र में बने किसी भी अनधिकृत निर्माण को बिजली आपूर्ति न दें।
सुप्रीम कोर्ट और NGT के आदेशों का पालन अनिवार्य
यह आदेश राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में जारी किया गया है। प्राधिकरण ने अपने पत्र में कहा है कि डूब क्षेत्र में कोई भी निर्माण पर्यावरण और जन-सुरक्षा के लिहाज़ से खतरनाक है, और भविष्य में इन्हें गिराने की कार्रवाई भी तय है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ ने पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि डूब क्षेत्र में निर्माण से न केवल पर्यावरण को गंभीर खतरा होता है, बल्कि बाढ़ की स्थिति में जन-धन की हानि की संभावना भी बनी रहती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और 09.10.2024 को हुई बैठक के अनुसार, हिंडन नदी के डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की है।
एनजीटी के आदेश के मुताबिक, प्राधिकरण को इस क्षेत्र से सभी अवैध निर्माण हटाने के लिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी है और तब तक किसी भी अवैध निर्माण को बिजली कनेक्शन देने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अवैध निर्माण पर अब ज़ीरो टॉलरेंस नीति
GNIDA ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी अवैध निर्माणों के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाकर इन्हें हटाया जाएगा और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान नहीं की जाएंगी। यह नीति भविष्य में किसी भी अतिक्रमण को हतोत्साहित करने के लिए सख्त कदम के रूप में देखी जा रही है।
जनता के लिए चेतावनी
यदि आप हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में कोई मकान, दुकान या अन्य निर्माण खरीदने या किराए पर लेने की सोच रहे हैं, तो सावधान रहें! ऐसे निर्माण न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि कभी भी गिराए जा सकते हैं और किसी भी सुविधा (बिजली, पानी, सीवर) से वंचित रह सकते हैं।