Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● मेरठ सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर, आंखों के सामने उजड़ती दुकानें देख रोए व्यापारी
● PM मोदी का 76वां जन्मदिन: वडनगर से वाराणसी तक बाइक रैली, देशभर में हुए कार्यक्रम
● इंदर प्रधान पल्ला फिर बने सपा जिलाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने दी बधाई
● ग्रेटर नोएडा का शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर 3 हजार LED लाइट से होगा रोशन
● ग्रेटर नोएडा में घर से लापता युवक का मिला शव, पत्नी से झगड़े के बाद निकला था राजीव
● नोएडा में किसानों की महापंचायत, राकेश टिकैत बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
● दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं उनसे कभी नहीं मिला’
● यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसद आरक्षण, परिवहन और कारागार विभाग की भर्ती में मिलेगा लाभ
● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस
● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद
ग्रेटर नोएडा में बड़ा फर्जीवाड़ा, प्राधिकरण को 55 लाख का नुकसान
जनता से वसूले जाने वाले पैसे पर डाका डालकर 55 लाख रुपये का चूना लगाने वाले जिम्मेदार कब तक बच पाएंगे
- Kapil Choudhary
- 31 Aug, 2025
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में चालान हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। चालानों में गड़बड़ी कर प्राधिकरण को करीब 55 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह खेल 2005 से 2011 के बीच चला। अब इस मामले में संबंधित लोगों पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्राधिकरण के ज़िम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर भी होगी क्या कोई कार्रवाई?
एफआईआर दर्ज
प्राधिकरण की आंतरिक जांच में जब यह हेराफेरी पकड़ी गई तो पूरा घोटाला उजागर हुआ।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक उद्योग सिद्धार्थ गौतम ने सूरजपुर कोतवाली में संबंधित लोगों पर धारा 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसमें दिल्ली के पंकज सिंघल, सैयद हुसैन ताहिर, सैयद आबिद ताहिर, सतीश सिंघल, इरफान अहमद और अरशद इमाम के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है
प्राधिकरणों ऐसे मामलों की हे भरमार
इस घोटाले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर प्राधिकरण के भीतर इस तरह के खेल कैसे चलते रहे और इसकी निगरानी कौन करता रहा? जनता से वसूले जाने वाले पैसे पर डाका डालकर 55 लाख रुपये का चूना लगाने वाले जिम्मेदार कब तक बच पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी।