Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Noida: आयुर्वेद को नई दिशा! नोएडा में ‘आयुर्नवदिशा’ वैज्ञानिक संगोष्ठी का सफल आयोजन

Noida: नोएडा में 10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विश्व आयुर्वेद परिषद, गौतम बुद्ध नगर इकाई द्वारा ‘Ayurnavdisha Scientific Seminar’ का आयोजन किया गया। यह एक दिवसीय संगोष्ठी कैलाश अस्पताल, सेक्टर 71 में आयोजित की गई, जिसमें देश भर के प्रतिष्ठित Ayurveda doctors, शिक्षाविद, शोधार्थी और छात्र शामिल हुए। कुल 130 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और आयुर्वेद विज्ञान में नवीनतम शोध और चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा की।
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Noida: नोएडा में 10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विश्व आयुर्वेद परिषद, गौतम बुद्ध नगर इकाई द्वारा ‘Ayurnavdisha Scientific Seminar’ का आयोजन किया गया। यह एक दिवसीय संगोष्ठी कैलाश अस्पताल, सेक्टर 71 में आयोजित की गई, जिसमें देश भर के प्रतिष्ठित Ayurveda doctors, शिक्षाविद, शोधार्थी और छात्र शामिल हुए। कुल 130 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और आयुर्वेद विज्ञान में नवीनतम शोध और चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा की।


संगोष्ठी का शुभारंभ डॉ. महेश व्यास (Dean, PhD, All India Institute of Ayurveda, Delhi), डॉ. प्रेमचंद शास्त्री (अध्यक्ष, Sanskrit Bharti Nyas), डॉ. पल्लवी शर्मा (Director, Kailash Group of Hospitals), डॉ. सुरेन्द्र चौधरी (National Secretary, World Ayurveda Council) और डॉ. प्रीति छाबड़ा द्वारा धन्वंतरि वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. महेश ने आयुर्वेद विद्यार्थियों और चिकित्सकों को चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और अष्टांग हृदय को आत्मसात करने की आवश्यकता बताई। वहीं, डॉ. पल्लवी ने Ayurveda और Allopathy को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की अहमियत पर जोर दिया।


मुख्य वक्ताओं में डॉ. रानी गुप्ता ने PCOD diagnosis & treatment, डॉ. शादाब खान ने Mental Health & Ayurveda, और डॉ. सुरेन्द्र चौधरी ने आयुर्वेदाचार्य डिग्री के बाद संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। डॉ. प्रीति सारस्वत ने आयुर्वेद को केवल उपचार पद्धति नहीं बल्कि जीवन के हर पड़ाव पर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने की प्रणाली बताया। इस अवसर पर विभिन्न शोधपत्र प्रस्तुत किए गए और सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम में विश्व आयुर्वेद परिषद, गौतम बुद्ध नगर की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। अध्यक्ष डॉ. प्रीति सारस्वत, उपाध्यक्ष डॉ. अमित अधाना, महासचिव डॉ. शुभम गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस संगोष्ठी ने आयुर्वेद विज्ञान को नई दिशा देने के साथ-साथ शोध और शिक्षा को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।

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