Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा बनेगा हाई-टेक सिटी! AI-Based Encroachment Monitoring System से होगी अतिक्रमण पर रियल-टाइम निगरानी

Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा अब AI Technology की मदद से और भी स्मार्ट बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। शहर में हो रहे encroachment (अतिक्रमण) पर अब सख्त निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए Greater Noida Authority और ISRO के National Remote Sensing Centre (NRSC) के बीच एक AI-Based Encroachment Monitoring System विकसित किया जा रहा है। दिसंबर तक इसके Phase-1 Data को तैयार करने का लक्ष्य है, जबकि पूरा सिस्टम मार्च 2026 तक पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। यह AI-Integrated System न केवल land management में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि unauthorized construction की पहचान में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
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Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा अब AI Technology की मदद से और भी स्मार्ट बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। शहर में हो रहे encroachment (अतिक्रमण) पर अब सख्त निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए Greater Noida Authority और ISRO के National Remote Sensing Centre (NRSC) के बीच एक AI-Based Encroachment Monitoring System विकसित किया जा रहा है। दिसंबर तक इसके Phase-1 Data को तैयार करने का लक्ष्य है, जबकि पूरा सिस्टम मार्च 2026 तक पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। यह AI-Integrated System न केवल land management में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि unauthorized construction की पहचान में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।


इस प्रोजेक्ट के तहत NRSC उच्च-रिज़ॉल्यूशन satellite images और Artificial Intelligence (AI) को मिलाकर एक ऐसा GIS-Based Dashboard तैयार कर रहा है, जिससे जमीन पर हो रहे परिवर्तनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। सिस्टम में Auto Alert Feature भी शामिल होगा, जो किसी भी अवैध निर्माण की सूचना तुरंत Greater Noida Authority को देगा। Greater Noida Authority के CEO एन.जी. रवि कुमार ने कहा कि यह पहल “Technology-Based Governance” की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और देश में पहली बार किसी विकास प्राधिकरण द्वारा इस तरह का आधुनिक सिस्टम लागू किया जा रहा है।


परियोजना के नेतृत्वकर्ता ACEओ सुमित यादव ने बताया कि यह AI-Driven Monitoring System ग्रेटर नोएडा की जमीनों की सुरक्षा क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा। इसके जरिए land records का पारदर्शी डेटा मैनेजमेंट और proactive enforcement सुनिश्चित होगा। साथ ही, यह प्रोजेक्ट अन्य शहरी निकायों के लिए एक model initiative साबित होगा। Land Preservation में सटीक जानकारी और डेटा-आधारित निर्णयों से ग्रेटर नोएडा का विकास और अधिक organized, sustainable और स्मार्ट बनेगा। इस कदम से शहर का urban development न सिर्फ तेज़ी से बल्कि तकनीकी रूप से सशक्त रूप में आगे बढ़ेगा।

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