Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Noida: नोएडा में चिकित्सा लापरवाही का बड़ा मामला! गलत इंजेक्शन से गर्भवती महिला और शिशु की मौत, कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल पर FIR

Noida: नोएडा में एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सेक्टर-112 स्थित भारत मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में गलत दवा दिए जाने से एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि भर्ती के समय ही डॉक्टरों को महिला के ब्लड प्रेशर की समस्या के बारे में बता दिया गया था, इसके बावजूद स्टाफ ने बिना सावधानी एक इंजेक्शन दे दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों में महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जब परिजन वार्ड में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पीड़िता के मुंह से खून निकल रहा था और वह दर्द से तड़प रही थी।
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Noida: नोएडा में एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सेक्टर-112 स्थित भारत मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में गलत दवा दिए जाने से एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि भर्ती के समय ही डॉक्टरों को महिला के ब्लड प्रेशर की समस्या के बारे में बता दिया गया था, इसके बावजूद स्टाफ ने बिना सावधानी एक इंजेक्शन दे दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों में महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जब परिजन वार्ड में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पीड़िता के मुंह से खून निकल रहा था और वह दर्द से तड़प रही थी।


महिला की हालत गंभीर होती देख अस्पताल प्रशासन ने उसे फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन तेजी से महिला को फोर्टिस लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हुआ कि गर्भस्थ शिशु की मौत तो मां से पहले ही हो चुकी थी। परिवार का कहना है कि अगर समय पर सही इलाज मिलता और लापरवाही न होती, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। प्रारंभिक शिकायत के बाद भी पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित परिवार को न्यायालय का सहारा लेना पड़ा।


अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस हरकत में आई है। Noida सेक्टर-113 कोतवाली पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। एसएचओ कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर सवाल खड़े करती है और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर करती है।