Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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दिल्ली-NCR में Air Pollution बना ‘Silent Killer’! CSE रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। Centre for Science and Environment (CSE) की नई रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ता Air Pollution अब एक silent killer बन चुका है। रिपोर्ट में अक्तूबर से 15 नवंबर तक के शुरुआती सर्दियों के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया गया है कि वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ी है, जिससे सांस संबंधी समस्याओं के साथ-साथ हृदय रोग, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जहरीली हवा में बढ़े हुए PM2.5, Nitrogen Dioxide (NO2) और Carbon Monoxide (CO) का कॉम्बिनेशन इंसानों के स्वास्थ्य पर सीधे हमला कर रहा है।
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दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। Centre for Science and Environment (CSE) की नई रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ता Air Pollution अब एक silent killer बन चुका है। रिपोर्ट में अक्तूबर से 15 नवंबर तक के शुरुआती सर्दियों के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया गया है कि वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ी है, जिससे सांस संबंधी समस्याओं के साथ-साथ हृदय रोग, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जहरीली हवा में बढ़े हुए PM2.5, Nitrogen Dioxide (NO2) और Carbon Monoxide (CO) का कॉम्बिनेशन इंसानों के स्वास्थ्य पर सीधे हमला कर रहा है।


CSE के मुताबिक, आम धारणा के विपरीत इस बार प्रदूषण की मुख्य वजह पराली नहीं बल्कि स्थानीय स्रोतों का pollution है। रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों से निकलने वाला धुआं सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। सुबह 7-10 बजे और शाम 6-9 बजे के पीक आवर्स में NO2 और PM2.5 दोनों का स्तर तेजी से बढ़ता है। वहीं CO का बढ़ता स्तर खून को गाढ़ा कर शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम कर देता है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ जाता है। इस सर्दी में दिल्ली के 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर 59 में से 30 से ज्यादा दिनों में Carbon Monoxide 8 घंटे के मानक से ऊपर दर्ज की गई।


विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-NCR की हवा में मौजूद जहरीले तत्व एक toxic cocktail बना रहे हैं, जो सांस लेने तक को खतरनाक बना देता है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सिर्फ पराली जलाने को जिम्मेदार ठहराने के बजाय स्थानीय स्तर पर वाहनों, औद्योगिक उत्सर्जन और दहन स्रोतों पर सख्ती जरूरी है। लोगों को भी मास्क के इस्तेमाल, outdoor activity कम करने और एयर प्यूरीफायर के उपयोग जैसी सावधानियां बरतनी चाहिए, क्योंकि बढ़ता Delhi Air Pollution स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।

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