यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने 10 दिसंबर 2025 को एक बड़े पैमाने की कार्रवाई में ग्राम दनकौर स्थित सरकारी/प्राधिकरण की लगभग 4.6 हेक्टेयर (46,000 वर्ग मीटर) बहुमूल्य भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया। खसरा संख्या 211 पर स्थित इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 500 करोड़ रुपये है। यह कार्रवाई मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर एवं विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। अभियान में यीडा की राजस्व टीम, परियोजना विभाग, दनकौर थाना पुलिस, सहायक पुलिस आयुक्त अरविन्द सिंह, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह, तथा प्राधिकरण के सुरक्षा बलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर तैनात जेसीबी मशीनों और पर्याप्त पुलिस बल की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई।
अभियान के दौरान खड़ी की गई टीनशेड, झोपड़ियां, पक्की-कच्ची दीवारें तथा अन्य अवैध स्थायी-अस्थायी निर्माण पूरी तरह ध्वस्त किए गए। यह भूमि यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित होने के कारण औद्योगिक एवं शहरी विकास परियोजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि इंटरचेंज के किसानों की 7% आबादी भूमि और यीडा क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अतिक्रमण मुक्त भूमि उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। शैलेंद्र सिंह ने स्वयं मौके पर अभियान की निगरानी की और अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्राधिकरण की किसी भी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यीडा ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य में किसी ने भी प्राधिकरण की भूमि पर अतिक्रमण करने की कोशिश की, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई, लागत वसूली और आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। संवाददाताओं से बातचीत में शैलेंद्र सिंह ने कहा कि “आज दनकौर में 46,000 वर्ग मीटर भूमि को मुक्त कराना यीडा के दृढ़ संकल्प और पारदर्शी प्रशासन का प्रतीक है।” प्राधिकरण ने बताया कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा, जिससे क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिल सके।





