Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा में GIMS के बेसमेंट की सीपेज समस्या जल्द होगी दूर, ₹25 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी

Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सरकारी चिकित्सा विज्ञान संस्थान (GIMS) के बेसमेंट में लंबे समय से चली आ रही सीपेज और पानी रिसाव की समस्या को दूर करने के लिए एक एजेंसी नियुक्त करने का फैसला किया है।
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Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सरकारी चिकित्सा विज्ञान संस्थान (GIMS) के बेसमेंट में लंबे समय से चली आ रही सीपेज और पानी रिसाव की समस्या को दूर करने के लिए एक एजेंसी नियुक्त करने का फैसला किया है। इस उद्देश्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत चयनित एजेंसी बेसमेंट की संरचनात्मक मजबूती, सुरक्षा और कार्यक्षमता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करेगी। अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत कार्य के दौरान GIMS के संचालन पर न्यूनतम प्रभाव डालने की योजना है।


प्राधिकरण द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में बेसमेंट में लगातार हो रहे पानी के रिसाव और सीपेज के कारणों का विश्लेषण किया गया। इसमें माइक्रो-कंक्रीटिंग तकनीक के साथ अन्य आवश्यक वॉटरप्रूफिंग उपाय अपनाने का प्रस्ताव है। GIMS के निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश कुमार गुप्ता ने चिंता जताते हुए कहा कि समस्या का जल्द समाधान जरूरी है, क्योंकि इससे इमारत की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में आईआईटी रुड़की की चार सदस्यीय टीम ने भवन का अध्ययन कर डिजाइन में खामियों को सीपेज और दरारों का मुख्य कारण बताया था और तत्काल मरम्मत की सिफारिश की थी। उस समय अनुमानित लागत लगभग ₹23 करोड़ थी, लेकिन वित्तीय जिम्मेदारी को लेकर सहमति नहीं बन पाई। अब उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा ₹25 करोड़ की इस परियोजना को वित्तपोषित किया जाएगा, जिससे वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।