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दिल्ली-एनसीआर में हवा का बड़ा फर्क: फरीदाबाद सबसे साफ, दिल्ली ‘बहुत खराब’ लेकिन गंभीर से बची
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की तस्वीर एक बार फिर चौंकाने वाली है. दिल्ली का औसत AQI 390 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है,
- sakshi choudhary
- 29 Dec, 2025
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की तस्वीर एक बार फिर चौंकाने वाली है. दिल्ली का औसत AQI 390 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है, हालांकि यह 400 के पार वाले ‘गंभीर’ स्तर से फिलहाल नीचे है. दिलचस्प यह है कि जिसे अक्सर प्रदूषण का सबसे बड़ा विलेन कहा जाता है, वही दिल्ली आज अपने कई पड़ोसी शहरों से बेहतर स्थिति में नजर आ रही है. दिल्ली के 40 में से 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों के डेटा के आधार पर यह औसत सामने आया है, जिसमें आनंद विहार और मुंडका जैसे इलाकों ने AQI को ऊपर खींचा है, जबकि द्वारका जैसे खुले क्षेत्रों में हवा अपेक्षाकृत बेहतर रही.
वहीं दिल्ली से सटा फरीदाबाद एनसीआर का तुलनात्मक रूप से सबसे साफ शहर बनकर उभरा है. फरीदाबाद का AQI 255 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है, लेकिन यह ‘गंभीर’ स्तर से दो कैटेगरी नीचे है. इसके उलट ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में हालात कहीं ज्यादा खराब हैं, जहां हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ी है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर AQI में करीब 200 अंकों का अंतर इस सवाल को जन्म देता है कि आखिर हवा इतनी अलग क्यों हो रही है.
विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे मौसम, स्थानीय प्रदूषण और भौगोलिक बनावट की अहम भूमिका है. इस समय उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हवाओं के कारण फरीदाबाद कई बार ‘विंड शैडो’ में आ जाता है, जिससे प्रदूषक वहां ज्यादा नहीं रुकते. दूसरी ओर नोएडा और गाजियाबाद में हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषण फंस जाता है. इसके साथ ही बड़े पैमाने पर चल रहा कंस्ट्रक्शन, औद्योगिक गतिविधियां और ऊंची इमारतों से बनने वाला अर्बन कैनियन इफेक्ट इन इलाकों में हवा को और जहरीला बना रहा है.