Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● इंदर प्रधान पल्ला फिर बने सपा जिलाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने दी बधाई ● ग्रेटर नोएडा का शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर 3 हजार LED लाइट से होगा रोशन ● ग्रेटर नोएडा में घर से लापता युवक का मिला शव, पत्नी से झगड़े के बाद निकला था राजीव ● नोएडा में किसानों की महापंचायत, राकेश टिकैत बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन ● दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं उनसे कभी नहीं मिला’ ● यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसद आरक्षण, परिवहन और कारागार विभाग की भर्ती में मिलेगा लाभ ● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस ● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद ● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन ● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख

GBU: लोकायुक्त की रिपोर्ट मांग के बाद जीबीयू के कुलसचिव हटाए गए, भर्ती और फीस घोटाले के आरोप तेज

ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में नौकरी और फीस में कथित धांधली के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है।
top-news

ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में नौकरी और फीस में कथित धांधली के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। लोकायुक्त द्वारा रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी को पद से हटा दिया है। लोकायुक्त ने कुलसचिव को 9 जनवरी तक रिकॉर्ड के साथ पेश होने का निर्देश दिया था। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उनकी जगह स्कूल ऑफ वोकेशनल के डीन डॉ. चंदर कुमार सिंह को प्रभारी कुलसचिव का चार्ज सौंपा गया है।


पद से हटाए गए कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने इस कार्रवाई को साजिश करार देते हुए आरोप लगाया है कि जांच समिति ने कभी उनसे संपर्क नहीं किया और न ही कोई नोटिस दिया गया। उन्होंने दावा किया कि लोकायुक्त का पत्र आने के बाद उन्होंने संबंधित विभागों को भर्ती फाइलों से छेड़छाड़ न करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में फाइलों के साथ छेड़छाड़ हुई है और जैम पोर्टल से खरीदारी में भी अनियमितताएं की गई हैं।

इधर समाजवादी छात्र सभा ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर बड़े पैमाने पर भर्ती और फीस में घोटाले का आरोप लगाया है। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर का दावा है कि छात्रों की फीस से 20 से 25 लाख रुपये की हेराफेरी हुई है। उन्होंने बैलेंस शीट सार्वजनिक करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 5 जनवरी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विनीत ने बताया कि लोकायुक्त को जवाब दिया जाएगा और मामले की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित की गई है।