Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● गौतमबुद्धनगर बना सड़क सुरक्षा का मॉडल, ‘Zero Fatality District’ परियोजना से दुर्घटनाओं और मौतों में रिकॉर्ड कमी
● Greater Noida News: सेक्टर-36 के मुख्य द्वार पर शराब की दुकान का विरोध, आबकारी मंत्री से मिले RWA अध्यक्ष
● गौड़ सिटी सेंटर चौराहे पर सक्रिय हुआ गाड़ी का शीशा तोड़कर चोरी करने वाला गिरोह, एक दिन में दो वारदातें
● YEIDA: ग्रेटर नोएडा में 18 जून को होगा आवासीय भूखंडों का आवंटन
● ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को रेलवे बोर्ड से NOC, 7.5 किमी रूट पर बनेंगे 5 नए स्टेशन
● दादरी की 100 करोड़ की पेयजल परियोजना पर घिरा प्रशासन, 12 साल बाद भी नहीं मिला पानी; उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज
● राहुल गांधी की शिक्षा मुहिम! क्यों चुने गए देश के चार सबसे बड़े एजुकेशन हब?
● शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज, संजय राउत का बड़ा आरोप! सांसदों को दिए जा रहे 15 करोड़ रुपये
● नोएडा एयरपोर्ट से पहली कार्गो फ्लाइट रवाना, व्यापार और किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
● नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कार्गो सेवा शुरू, पश्चिमी यूपी के उत्पादों को मिलेगा Global Market का सीधा रास्ता
GBU: लोकायुक्त की रिपोर्ट मांग के बाद जीबीयू के कुलसचिव हटाए गए, भर्ती और फीस घोटाले के आरोप तेज
ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में नौकरी और फीस में कथित धांधली के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है।
- sakshi choudhary
- 30 Dec, 2025
ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में नौकरी और फीस में कथित धांधली के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। लोकायुक्त द्वारा रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी को पद से हटा दिया है। लोकायुक्त ने कुलसचिव को 9 जनवरी तक रिकॉर्ड के साथ पेश होने का निर्देश दिया था। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उनकी जगह स्कूल ऑफ वोकेशनल के डीन डॉ. चंदर कुमार सिंह को प्रभारी कुलसचिव का चार्ज सौंपा गया है।
पद से हटाए गए कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने इस कार्रवाई को साजिश करार देते हुए आरोप लगाया है कि जांच समिति ने कभी उनसे संपर्क नहीं किया और न ही कोई नोटिस दिया गया। उन्होंने दावा किया कि लोकायुक्त का पत्र आने के बाद उन्होंने संबंधित विभागों को भर्ती फाइलों से छेड़छाड़ न करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में फाइलों के साथ छेड़छाड़ हुई है और जैम पोर्टल से खरीदारी में भी अनियमितताएं की गई हैं।
इधर समाजवादी छात्र सभा ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर बड़े पैमाने पर भर्ती और फीस में घोटाले का आरोप लगाया है। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर का दावा है कि छात्रों की फीस से 20 से 25 लाख रुपये की हेराफेरी हुई है। उन्होंने बैलेंस शीट सार्वजनिक करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 5 जनवरी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विनीत ने बताया कि लोकायुक्त को जवाब दिया जाएगा और मामले की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित की गई है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *