Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● इंदर प्रधान पल्ला फिर बने सपा जिलाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने दी बधाई ● ग्रेटर नोएडा का शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर 3 हजार LED लाइट से होगा रोशन ● ग्रेटर नोएडा में घर से लापता युवक का मिला शव, पत्नी से झगड़े के बाद निकला था राजीव ● नोएडा में किसानों की महापंचायत, राकेश टिकैत बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन ● दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं उनसे कभी नहीं मिला’ ● यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसद आरक्षण, परिवहन और कारागार विभाग की भर्ती में मिलेगा लाभ ● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस ● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद ● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन ● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख

Delhi Pollution: राजधानी की हवा में मामूली सुधार, AQI बेहद खराब से खराब श्रेणी में आया

दिल्लीवासियों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली है। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक में रविवार की तुलना में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई है।
top-news

दिल्लीवासियों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली है। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक में रविवार की तुलना में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को जहां AQI बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया था, वहीं सोमवार सुबह यह घटकर खराब श्रेणी में आ गया। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, सोमवार सुबह राजधानी का औसत AQI 266 रिकॉर्ड किया गया, जो हालांकि अभी भी स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय बना हुआ है।


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में AQI स्तर में भिन्नता देखने को मिली। अलीपुर में 275, आनंद विहार में 320, अशोक विहार में 301, आया नगर में 178, बवाना में 195 और चांदनी चौक में 337 AQI दर्ज किया गया। वहीं, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 क्षेत्र में AQI 153 रहा, जो अन्य इलाकों की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है, जबकि जहांगीरपुरी, विवेक विहार और वजीरपुर जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर अधिक बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, AQI का 201 से 300 के बीच होना हवा की खराब गुणवत्ता को दर्शाता है, जबकि 301 से ऊपर का स्तर बेहद खराब माना जाता है। इस स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। भले ही AQI में हल्का सुधार हुआ हो, लेकिन प्रदूषण पर स्थायी नियंत्रण के लिए अभी और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बनी हुई है।