नए नोएडा प्रशासनिक भवन में बेसमेंट सुरक्षा पर सवाल, PU Flooring को लेकर बढ़ी चिंता

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नोएडा के सेक्टर-96 में निर्माणाधीन नया नोएडा प्रशासनिक भवन, जिसकी अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक है, आधुनिक governance infrastructure का एक अहम प्रोजेक्ट माना जा रहा है। लेकिन इस बहुप्रतीक्षित भवन के बेसमेंट निर्माण और उसकी long-term durability को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी multi-storey building में बेसमेंट ही पूरी संरचना का foundation होता है, जिस पर कॉलम, बीम और ऊपर की सभी मंज़िलों का पूरा load transfer होता है। ऐसे में बेसमेंट की सुरक्षा में की गई कोई भी लापरवाही पूरे भवन की design life पर असर डाल सकती है।


विशेषज्ञों के अनुसार, बेसमेंट लगातार underground moisture, water pressure और chemical reactions के संपर्क में रहता है, जिससे समय के साथ कंक्रीट में micro cracks, seepage और reinforcement corrosion जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे हालात में PU Flooring एक effective waterproofing और protective solution मानी जाती है। Polyurethane based flooring कंक्रीट पर एक seamless, elastic और water-resistant layer बनाती है, जो thermal movement और heavy load vibration को भी सहन करने में सक्षम होती है। इससे न केवल बेसमेंट slab की strength बनी रहती है, बल्कि पूरी इमारत की structural safety भी लंबे समय तक सुनिश्चित होती है।

निर्माण क्षेत्र से जुड़े जानकार यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पूरा प्रोजेक्ट 100 करोड़ रुपये से अधिक का है, तो बेसमेंट सुरक्षा से जुड़े PU Flooring जैसे comparatively low-cost work पर आपत्ति क्यों की जा रही है। PU Flooring की लागत कुल budget का एक छोटा सा हिस्सा होती है, लेकिन इसके फायदे decades तक मिलते हैं। यदि इस स्तर पर preventive construction measures नहीं अपनाए गए, तो भविष्य में leakage, slab damage और costly maintenance जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि “precaution is better than cure” का सिद्धांत infrastructure projects पर भी उतना ही लागू होता है, ताकि public money से बने administrative buildings सुरक्षित और sustainable बने रहें।

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