ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई: जानिए, सीईओ एनजी रवि कुमार के नेतृत्व में बड़े कदम

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ग्रेटर नोएडा (कपिल चौधरी)

पिछले पांच महीनों से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है। सीईओ एनजी रवि कुमार के मार्गदर्शन और महाप्रबंधक (परियोजना) एके सिंह के नेतृत्व में कई गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। साथ ही, प्रशासनिक स्तर पर ऐसे कदम उठाए गए हैं, जो अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाएंगे। अथॉरिटी ने बिजली कंपनियों, रजिस्ट्री विभाग और बैंकों को पत्र लिखकर अवैध निर्माण से संबंधित सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 

अवैध निर्माण पर लगाम कसने के लिए उठाए गए प्रमुख कदम:

 बिजली कनेक्शन पर रोक

   ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बिजली कंपनियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे अवैध निर्माणों को बिजली कनेक्शन प्रदान करें। कनेक्शन देने से पहले प्राधिकरण से संपत्ति की वैधता की जांच अनिवार्य की गई है।

 रजिस्ट्री पर नियंत्रण की माँग 

   अथॉरिटी की तरफ़ से रजिस्ट्री विभाग को भी पत्र लिखकर यह कहा गया है कि वह अथॉरिटी से बिना नक़्शा पास हुए और बिना आवंटित हुए छोटे प्लॉट और विला की रजिस्ट्री करें। रजिस्ट्री होने से कॉलोनाइजर वो को बढ़ावा मिलता है। जिससे की अवैध कॉलोनी अथॉरिटी के  नियोजित विकास में बाधा बन रही हैं।

बैंकों को लोन पर रोक माँग 

 अथॉरिटी के द्वारा अवैध निर्माणों को लोन देने वाले बैंकों को पत्र लिखकर कहा गया है कि वह प्राधिकरण से बिना नक़्शा पास और बिना आवंटित अवैध निर्माणों को लोन दे। अवैध निर्माण को वित्तीय सहायता देने से अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है बैंक को इस पर रोक लगानी चाहिए।

पिछले कुछ महीनों में अवैध निर्माण पर कार्रवाई:

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने पिछले कुछ महीनों में लगभग 15 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया है। इनमें अच्छेजा, वैदपुरा, देवला, सुनपुरा, चिटहरा, भनौता, आमका, हैबतपुर, बिसरख, पटवाड़ी, तालड़ा जैसे गांव शामिल हैं। अथॉरिटी ने साफ संदेश दिया है कि बिना नक्शा पास कराए बनाए गए अवैध निर्माण, विला और फ्लैट्स को  तोड़ने और सील करने की कार्रवाई जारी रहेगी। 

अथॉरिटी का संकल्प:

सीईओ एनजी रवि कुमार के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने अवैध निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। यह कार्रवाई केवल अवैध निर्माण को रोकने में प्रभावी साबित हो रही है, बल्कि शहर के नियोजित विकास को भी सुनिश्चित कर रही है। अथॉरिटी का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि अवैध कॉलोनाइजर्स और अनधिकृत निर्माण पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।

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