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Uttar Pradesh: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में High Court बेंच की मांग तेज़, वकीलों ने सौंपा प्रधानमंत्री को ज्ञापन

Uttar Pradesh: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर एक बार फिर अधिवक्ताओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की है। गौतमबुद्ध नगर बार एसोसिएशन ने सोमवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। Noida Bar Association के अध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अधिवक्ता इस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं
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Uttar Pradesh: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर एक बार फिर अधिवक्ताओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की है। गौतमबुद्ध नगर बार एसोसिएशन ने सोमवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। Noida Bar Association के अध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अधिवक्ता इस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हाल ही में चौथी बेंच की स्थापना की गई है, जबकि वहां की जनसंख्या पश्चिमी यूपी के 22 जिलों से कम है।


Uttar Pradesh: जाने इस वजह से उठी हाई कोर्ट के बेंच की माँग 

बैठक में बार के सचिव अजीत नागर, पूर्व अध्यक्ष श्याम सिंह भाटी, नीरज भाटी, महेश गुप्ता, योगेंद्र भाटी, यतेंद्र नागर समेत कई वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे। वकीलों ने बताया कि पश्चिमी यूपी के 22 जिलों में लगभग 7 करोड़ की आबादी है, फिर भी यहां हाई कोर्ट की बेंच नहीं है। जबकि कोल्हापुर, महाराष्ट्र में केवल छह जिलों के लिए बेंच घोषित की गई, जिनकी कुल आबादी महज 1.64 लाख है। यह निर्णय न्याय के अधिकार के साथ भेदभाव जैसा है।


जेवर बार एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन 

इस बीच Uttar Pradesh के जेवर बार एसोसिएशन ने भी अधिवक्ताओं के कार्य से विरत होने के समर्थन में प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। बार अध्यक्ष सुदेश छौंकर की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया। सचिव कपिल शर्मा ने उपजिलाधिकारी न्यायिक दुर्गेश सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि पश्चिमी यूपी के लोगों को सस्ती और सुलभ न्याय व्यवस्था मिलनी चाहिए। अधिवक्ताओं ने सरकार से जल्द से जल्द पश्चिमी उत्तर प्रदेश में High Court की बेंच स्थापित करने की मांग की है।