Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Uttar Pradesh: योगी सरकार का बड़ा कदम! फोरेंसिक साइंस और साइबर सुरक्षा से मजबूत होगी कानून व्यवस्था

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और Technology Integration को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। Forensic Science को अब कानून प्रवर्तन में अनिवार्य किया गया है। पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में आधुनिक फोरेंसिक लैब स्थापित करने, साइबर अपराधों से निपटने के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और पुलिस-फोरेंसिक सहयोग को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं।
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Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और Technology Integration को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। Forensic Science को अब कानून प्रवर्तन में अनिवार्य किया गया है। पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में आधुनिक फोरेंसिक लैब स्थापित करने, साइबर अपराधों से निपटने के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और पुलिस-फोरेंसिक सहयोग को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं। इसी कड़ी में Noida में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें साइबर क्राइम और Digital Data Security पर गहन चर्चा की गई।


Uttar Pradesh: जाने सरकार के इस फैसले पर क्या कहते है विशेषज्ञ

कार्यशाला में UP State Institute of Forensic Science के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी, एडिशनल सीपी अजय कुमार समेत बैंकिंग सेक्टर, उद्यमियों, आरडब्ल्यूए सदस्यों और सोशल वर्कर्स ने भाग लिया। 250 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी ने Cyber Awareness को लेकर बढ़ती गंभीरता को दर्शाया। विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले समय में Data Theft पर 250 करोड़ रुपये तक का दंड लगाया जाएगा। कार्यशाला में Digital Personal Data Protection Act (DPDP Act), साइबर ऑडिट और डेटा सुरक्षा की अहमियत पर विशेष रूप से चर्चा की गई। साथ ही, यूपी सरकार द्वारा 13 कैबिनेट्स की स्थापना और सभी 75 जिलों में मोबाइल फोरेंसिक वैन की तैनाती जैसी पहल भी साझा की गई।


जाने क्या कहते है डॉ. जी.के. गोस्वामी

डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि आज की दुनिया में Data is more valuable than money। सोशल मीडिया पर डाटा साझा करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि जैसे वित्तीय ऑडिट होता है, वैसे ही अब डेटा ऑडिट भी अनिवार्य होगा। भविष्य में Data Insurance आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे हेल्थ और फसल बीमा है। कार्यशाला ने स्पष्ट किया कि Cyber Crime और Data Protection केवल तकनीकी ही नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। योगी सरकार विशेषज्ञों और नागरिकों की भागीदारी से साइबर अपराधों पर रोक लगाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

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