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राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी संत व पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन

राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। मध्यप्रदेश के रीवा में एक कथा महोत्सव के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
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राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। मध्यप्रदेश के रीवा में एक कथा महोत्सव के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। Dr. Ramvilas Das Vedanti का निधन Ayodhya और पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। वे लंबे समय से Ram Janmabhoomi Movement से जुड़े रहे और अपने विचारों, संघर्ष तथा योगदान के लिए पहचाने जाते थे।


डॉ. रामविलास दास वेदांती 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के गुरु अवैद्यनाथ स्वामी परमहंस के साथ मिलकर आंदोलन को मजबूत आधार दिया। वे 1996 और 1998 में दो बार सांसद भी रहे और संसद में भी Ram Temple मुद्दे को मुखरता से उठाया। Ayodhya स्थित वशिष्ठ आश्रम से उनका गहरा जुड़ाव रहा, जहां से उन्होंने धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया। उनके योगदान को Hindu spirituality और Sanatan culture के इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है।


उनका पार्थिव शरीर सोमवार देर शाम अयोध्या लाया जाएगा, जबकि मंगलवार सुबह 10 बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है। CM Yogi Adityanath ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए इसे आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। Dr. Ramvilas Das Vedanti का जीवन संघर्ष, आस्था और राष्ट्रवादी विचारधारा का प्रतीक रहा, जिसे श्रद्धालु और समर्थक हमेशा स्मरण रखेंगे।

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