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JNU: पीएम और गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाने वाले छात्रों पर कार्रवाई, तत्काल निलंबन के आदेश

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने परिसर में हुई विवादित नारेबाजी को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने परिसर में हुई विवादित नारेबाजी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाने में शामिल छात्रों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा, गैरकानूनी आचरण या राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा।

JNU प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि विश्वविद्यालय विचार-विमर्श और नवाचार का केंद्र होते हैं, लेकिन उन्हें नफरत और उकसावे की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जा सकता। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कानून और संस्थागत मर्यादाओं का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन ने छात्रों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि परिसर का माहौल अकादमिक बहस और रचनात्मक संवाद के लिए है, न कि विभाजन फैलाने के लिए।

पूरा विवाद सोमवार रात साबरमती हॉस्टल के बाहर हुए एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाए गए। यह कार्यक्रम पांच जनवरी 2020 को JNU में हुई हिंसा की बरसी के संदर्भ में आयोजित किया गया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद JNU सुरक्षा विभाग ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में शिकायत दी है और संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है और इससे परिसर की शांति व सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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