Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● UPSIDA कैंप में उद्यमियों ने जमा किया अनुरक्षण एवं लीज़ रेंट, विभाग को हुआ करोड़ों का राजस्व लाभ ● परीक्षा घोटालों के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों का हुंकार, CJP के प्रदर्शन में उमड़ी भारी भीड़ ● Delhi Weather Update: दिल्ली में मानसून की एंट्री में देरी, जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचने के आसार ● गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से जुड़ेगा परी चौक, सूरजपुर और कासना, ई-बस सेवा से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत ● New Noida News: न्यू नोएडा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की तैयारी तेज ● UP Politics: उम्मीदवार चयन विवाद पर मायावती का पलटवार, मिशन-2027 को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना ● कोलकाता एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला! इंडिगो फ्लाइट पर गिरी बिजली, 141 यात्री सुरक्षित ● UP Politics: ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- अगले जन्म में बनेंगे मुख्यमंत्री.... ● नोएडा के खिलाड़ियों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच, सर्बिया में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर ● Itel और AWF की बड़ी पहल: ग्रेटर नोएडा को मिला आधुनिक कचरा प्रबंधन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत

News Updates: मरीज के लिए मृत्यु चुनने का अधिकार: केंद्र का नया कदम

top-news

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में असाध्य रूप से बीमार मरीजों के लिए जीवन रक्षक प्रणाली हटाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश देशभर के 25 चिकित्सकों के संयुक्त विचार-विमर्श के आधार पर बनाए गए हैं। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य उन मरीजों को राहत प्रदान करना है, जिनका इलाज प्रभावी नहीं है।

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की कैंसर विभाग की प्रमुख डॉ. सुषमा भटनागर ने इस फैसले को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम असाध्य मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा करता है और उन्हें अपनी इच्छानुसार जीवन को समाप्त करने का अवसर प्रदान करता है। सरकार के इस प्रयास को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो मरीजों को सम्मान और स्वायत्तता देने की दिशा में एक कदम है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *