Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● UPSIDA कैंप में उद्यमियों ने जमा किया अनुरक्षण एवं लीज़ रेंट, विभाग को हुआ करोड़ों का राजस्व लाभ ● परीक्षा घोटालों के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों का हुंकार, CJP के प्रदर्शन में उमड़ी भारी भीड़ ● Delhi Weather Update: दिल्ली में मानसून की एंट्री में देरी, जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचने के आसार ● गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से जुड़ेगा परी चौक, सूरजपुर और कासना, ई-बस सेवा से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत ● New Noida News: न्यू नोएडा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की तैयारी तेज ● UP Politics: उम्मीदवार चयन विवाद पर मायावती का पलटवार, मिशन-2027 को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना ● कोलकाता एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला! इंडिगो फ्लाइट पर गिरी बिजली, 141 यात्री सुरक्षित ● UP Politics: ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- अगले जन्म में बनेंगे मुख्यमंत्री.... ● नोएडा के खिलाड़ियों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच, सर्बिया में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर ● Itel और AWF की बड़ी पहल: ग्रेटर नोएडा को मिला आधुनिक कचरा प्रबंधन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रिसर्चर प्रखर श्रीवास्तव फ्रांस में ग्लोबल सोशल कनेक्शन पर करेंगे महत्वपूर्ण शोध

top-news

नोेएडा। दिव्यांशु ठाकुर

जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ रिसर्च फेलो, प्रखर श्रीवास्तव, को फ्रांस के एनसी बिहेवरियल साइंस लैब में शोध के लिए नियुक्त किया गया है। प्रखर, जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी हैं, इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत भारत में ग्लोबल इंडेक्स ऑफ सोशल कनेक्शन के विकास पर काम करेंगे।

इस परियोजना का उद्देश्य, प्रो. समीना बानो के मार्गदर्शन में, संस्कृतियों में सामाजिक संबंधों और एकाकीपन को समझना है, जिसमें विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के दृष्टिकोणों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। डॉ. हंस रोचा इजरमैन और मिगुएल सिलान के नेतृत्व में, यह परियोजना विश्व स्तर पर सामाजिक जुड़ाव को बेहतर ढंग से समझने के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान देगी।

प्रखर की इस नियुक्ति से जामिया यूनिवर्सिटी में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि के माध्यम से, भारत इस परियोजना की अनुसंधान गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना के निष्कर्षों का उपयोग विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा सामाजिक जुड़ाव पर वैश्विक नीतियों और प्रथाओं को प्रभावित करने के लिए किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *