Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● अखिलेश का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- वीडियो देखकर भी दर्ज करा देंगे मुकदमा ● यूपी में 6 महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी, सीएम योगी ने 21 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र ● खुद के रेस्टोरेंट से खुद ऑर्डर, स्विगी को लगाया लाखों का चूना! ● यमुना प्राधिकरण की ग्रीन बेल्ट में पौधरोपण, विधायक धीरेन्द्र सिंह ने लगाए पौधे ● नोएडा में FDRC के नवीकरण कक्ष का उद्घाटन, परिवारों के विवादों के समाधान पर जोर ● यमुना प्राधिकरण ने 320 किसानों को आवंटित किए सात प्रतिशत आबादी भूखंड ● यमुना प्राधिकरण ने 320 किसानों को आवंटित किए 7 प्रतिशत आबादी भूखंड ● NEET सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी, नंदन नीलेकणि समिति जल्द सौंपेगी अंतरिम रिपोर्ट ● यूपी में 26 ग्लोबल कंपनियां स्थापित करेंगी GCC, 22 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार ● ग्रेटर नोएडा में किसानों की मांगों पर बड़ी बैठक, 5 अक्टूबर तक लखनऊ वार्ता का भरोसा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 79.57 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण, सौर ऊर्जा से होगा संचालित

top-news

ग्रेटर नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 79.57 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 45 एमएलडी क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आधुनिक सिक्वेंशियल बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक से सुसज्जित होगा। इस परियोजना की शुरुआत से पहले साइट एनवॉयरमेंट प्लान (एसईपी) तैयार किया जाएगा। निर्माण के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण को न्यूनतम रखने के लिए सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जाएगा। यह प्लांट एक वॉटर रीक्लेमेशन फैसिलिटी के रूप में भी कार्य करेगा।

प्लांट के संचालन के लिए तीन महीने का ट्रायल पीरियड तय किया गया है, और इसके बाद 12 महीने की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड होगी। इस प्लांट में विभिन्न प्रकार के अपशिष्टों का निस्तारण किया जा सकेगा। सीवरेज आउटकम को गहरे गुरुत्वाकर्षण आउटफॉल सीवर के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा, जो रॉ सीवेज को एक रिसीविंग चैंबर में डिस्चार्ज करेगा। इसके बाद इसे मोटे स्क्रीन चैनल में छाना जाएगा ताकि सीवेज में मौजूद अनचाही सामग्रियों को हटाया जा सके।

प्लांट में फ्लो मैनेजमेंट, इनलेट चैंबर, फाइन स्क्रीनिंग और डी-ग्रिटिंग व्यवस्थाएं भी होंगी। इस प्लांट का डिस्पोजल चैनल हिंडन नदी के किनारे स्थित होगा और इसे सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। हाइड्रोलिक पंपों का संचालन भी सौर ऊर्जा के माध्यम से करने की योजना है।

सीईओ रवि एनजी ने बताया कि यह प्लांट ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है जो शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में सहायक होगा।