कनव तलवार ने 65वें अंतर्राष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
- sakshi choudhary
- 25 Jul, 2024
ग्रेटर नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर
ग्रेटर नोएडा के कनव तलवार ने यूनाइटेड किंगडम के बाथ विश्वविद्यालय में आयोजित 65वें अंतर्राष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड (आईएमओ) में स्वर्ण पदक जीतकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय हाई स्कूल के छह छात्रों की टीम में शामिल कनव ने इस प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके कनव को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
कनव तलवार, जो सेक्टर अल्फा-1 के ई ब्लॉक में रहते हैं, फरीदाबाद के दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र हैं। उन्होंने चयन प्रक्रिया के तहत आईएमओ टीम में अपनी जगह बनाई। इस साल की प्रतियोगिता में 108 देशों के 609 छात्रों ने भाग लिया। भारतीय टीम में कनव के साथ आदित्य मंगुडी, आनंद भादुड़ी, और रुशिल माथुर ने भी स्वर्ण पदक जीता, जबकि अर्जुन गुप्ता और सिद्धार्थ चोपड़ा ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कनव के पिता, आशु तलवार, ने बताया कि भारतीय टीम ने 4 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीतकर कुल मिलाकर चौथा स्थान प्राप्त किया, और 167 अंकों के साथ दक्षिण कोरिया से केवल एक अंक पीछे रहे। शीर्ष तीन स्थानों पर अमेरिका, चीन, और दक्षिण कोरिया रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि यह बेहद खुशी और गर्व की बात है कि भारत अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में 4 स्वर्ण और 1 रजत पदक लेकर आया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कई अन्य युवाओं को प्रेरित करेगी और गणित को और भी अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी।
कनव तलवार की प्रमुख उपलब्धियाँ:
- 2021 में राष्ट्रीय गणित प्रतिभा प्रतियोगिता (एनएमटीसी) में एआईआर 1
- 2021-22 के भारतीय राष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड (आईएनएमओ) के पुरस्कार विजेता
- 2022 में प्रथम स्तर शैरगिन ज्योमेट्री ओलंपियाड, रूस उत्तीर्ण किया
- 2021 में भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई), बैंगलोर द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गणित प्रतियोगिता, लिमिट-2021 की श्रेणी ए में रैंक 1
- 2021 में ईरानी ज्यामिति ओलंपियाड में स्वर्ण पदक
- 2022 में जोनल कंप्यूटिंग ओलंपियाड (जेडसीओ) और जोनल इंफॉर्मेटिक्स ओलंपियाड (जेडआईओ) के पुरस्कार विजेता
- अमेरिकी गणित प्रतियोगिता (एएमसी) के पुरस्कार विजेता
कनव की इस असाधारण उपलब्धि ने न केवल उनके माता-पिता और स्कूल को गर्वित किया है, बल्कि यह देश भर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी है।
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