दिल्ली के शानदार शिक्षा इन्स्टीट्यूट से निकला भारतीय युवा जिसने वैज्ञानिक दुनिया में किया देश का गर्वित प्रतिनिधित्व

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नोएडा, दिव्यांशु ठाकुर

यदि मन में सच्ची लगन हो और कुछ खास करने की इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी चुनौती मुश्किल नहीं होती। हम यहाँ दिल्ली के आदित्य की बात कर रहे हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में कई स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता की कहानियाँ यहीं समाप्त नहीं होतीं। उन्होंने हाल ही में जेईई एडवांस 2024 में ऑल इंडिया में दूसरी रैंक हासिल की है। उनकी यह उपलब्धियाँ देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

दिल्ली के पीतमपुरा स्थित डीएल डीएवी मॉडल स्कूल के छात्र रहे आदित्य ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद, वर्ष 2023 में जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिजिक्स ओलंपियाड में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। साथ ही, वर्ष 2024 में मलेशिया में आयोजित एशियन फिजिक्स ओलंपियाड में कांस्य पदक हासिल किया। चेक रिपब्लिक में आयोजित फिजिक्स से जुड़ी प्रतियोगिता में भी उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया।

वर्ष 2022 और 2023 में एशियन पेसिफिक मैथमेटिक्स ओलंपियाड में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया। इसके अलावा, उन्होंने 2021 में दिल्ली में आयोजित मुख्यमंत्री विज्ञान प्रतिभा परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। वहीं, 2019 में हैदराबाद में हुई विद्यार्थी विज्ञान मंथन प्रतियोगिता में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर रैंक हासिल की थी। मंगोलिया के उलानबटार में 2023 में आयोजित एशियाई भौतिकी ओलंपियाड में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने जेईई एडवांस्ड 2024 में ऑल इंडिया रैंक प्राप्त की और उसी परीक्षा में भौतिकी और गणित में पूर्ण अंक हासिल किए।

आदित्य बताते हैं कि विज्ञान और गणित के प्रति उनका गहरा जुनून उनकी इस यात्रा की शुरुआत का मूल कारण था। इस जुनून ने उन्हें कड़ी मेहनत करने और अपनी पढ़ाई के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। ओलंपियाड में भाग लेने का अनुभव उनके लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ लाभदायक भी रहा। इन प्रतियोगिताओं ने उन्हें दृढ़ता, अनुशासन और निरंतर सीखने का महत्व सिखाया है। इस यात्रा में फिट्जी कोचिंग संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अपनी सफलता का श्रेय आदित्य आईआईटी दिल्ली में पढ़ने वाली अपनी बहन लावण्या, अपने माता-पिता और शिक्षकों को देते हैं। उनका मानना है कि उनके प्रोत्साहन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पवन कुमार, जो आदित्य के पिता हैं, व्यक्त करते हैं कि हमें अपने बेटे के जेईई एडवांस 2024 में प्रदर्शन पर बहुत गर्व है। हमने भी माता-पिता के रूप में उसके देश के लिए एक सपना देखा था कि वह विभिन्न ओलंपियाड और प्रतिष्ठित प्लेटफार्मों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगा और विज्ञान और गणित के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों से हमें गर्व महसूस होगा। इससे हमारे परिवार और देश के लिए बहुत बड़ी खुशी होगी।

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