Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● UPSIDA कैंप में उद्यमियों ने जमा किया अनुरक्षण एवं लीज़ रेंट, विभाग को हुआ करोड़ों का राजस्व लाभ ● परीक्षा घोटालों के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों का हुंकार, CJP के प्रदर्शन में उमड़ी भारी भीड़ ● Delhi Weather Update: दिल्ली में मानसून की एंट्री में देरी, जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचने के आसार ● गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से जुड़ेगा परी चौक, सूरजपुर और कासना, ई-बस सेवा से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत ● New Noida News: न्यू नोएडा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की तैयारी तेज ● UP Politics: उम्मीदवार चयन विवाद पर मायावती का पलटवार, मिशन-2027 को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना ● कोलकाता एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला! इंडिगो फ्लाइट पर गिरी बिजली, 141 यात्री सुरक्षित ● UP Politics: ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- अगले जन्म में बनेंगे मुख्यमंत्री.... ● नोएडा के खिलाड़ियों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच, सर्बिया में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर ● Itel और AWF की बड़ी पहल: ग्रेटर नोएडा को मिला आधुनिक कचरा प्रबंधन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ननवा का राजपुर में अवैध निर्माण को ढहाया

top-news

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ननवा का राजपुर में अवैध निर्माण को ढहाया

ग्रेटर नोएडा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार को ननवा का राजपुर में हुए अवैध निर्माण को ढहा कर 43 हजार वर्ग मीटर जमीन को मुक्त करा लिया। जमीन की कीमत करीब 87 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी हिमांशु वर्मा ने बताया कि गांव ननवा का राजपुर प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में है। कुछ कालोनाइजर गांव के खसरा नंबर -37 और 112 की करीब 43670 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर लिए थे। अवैध निर्माण हटाने के लिए धारा दस की नोटिस भी जारी कर दी गई थी, लेकिन अवैध निर्माण न हटाने पर विगत 15 जनवरी को एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर भी दे दी गई है। बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने दोपहर 1:00 बजे से कार्रवाई शुरू की। प्राधिकरण की पुलिस की मौजूदगी में तीन डंफर और तीन जेसीबी व अन्य अधिकारियों- कर्मचारियों के सहयोग से अवैध निर्माण को ढहा दिया। टीम ने करीब 43670 वर्ग मीटर जमीन को मुक्त करा लिया है। इस जमीन की कीमत करीब 87 करोड़ रुपये आंकी गई है। ओएसडी हिमांशु वर्मा ने चेतावनी दी है कि प्राधिकरण की अधिसूचित एरिया में जमीन कब्जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होेंने हर वर्क सर्किल को अपने एरिया में जमीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए कड़ी नजर रखने और अतिक्रमण की सूचना मिलते ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *