Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● नोएडा में FDRC के नवीकरण कक्ष का उद्घाटन, परिवारों के विवादों के समाधान पर जोर ● यमुना प्राधिकरण ने 320 किसानों को आवंटित किए सात प्रतिशत आबादी भूखंड ● यमुना प्राधिकरण ने 320 किसानों को आवंटित किए 7 प्रतिशत आबादी भूखंड ● NEET सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी, नंदन नीलेकणि समिति जल्द सौंपेगी अंतरिम रिपोर्ट ● यूपी में 26 ग्लोबल कंपनियां स्थापित करेंगी GCC, 22 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार ● ग्रेटर नोएडा में किसानों की मांगों पर बड़ी बैठक, 5 अक्टूबर तक लखनऊ वार्ता का भरोसा ● नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गैंग का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार और 2 बाल अपचारी संरक्षण में ● ग्रीन दादरी-क्लीन दादरी अभियान की शुरुआत, बिसरख से पौधरोपण और सफाई अभियान का आगाज ● ग्रेटर नोएडा के तिलपता में जलभराव और जाम से परेशान ग्रामीण, 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना ● मेरठ सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर, आंखों के सामने उजड़ती दुकानें देख रोए व्यापारी

प्राथमिक जांच मे मिली गडबडियां पर प्राधिकरण के सीएफएओ को निलंबन का नोटिस, तीन दिन मे देना होगा जवाब

top-news

नोएडा। सुमित नागर

प्राधिकरण के 200 करोड रुपये के एफडी मामले मे मुख्य वित एंव लेखाधिकारी को निलंबन का नोटिस दिया गया है सीईओ लोकेष एम की और से जारी कारण बताओ नोटिस में तीन दिन मे स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब से संतुष्ट नही होने की स्थिति मे उनके निलंबन की संस्तुति शासन से की जाएगी। बताया गया कि मामले मे प्रथम दृष्टया कई अनियमितताए पाई गई है जांच मे पता चला है कि बैंक आफॅ इंडिया को बिना नियम के बिड मे शामिल कराया गया । बताया जा रहा है कि सीएफएओ ने अपने स्तर पर बैंक आफॅ इंडिया को बोली के लिए बुलाया था प्राधिकरण के सूत्रो का कहना है कि आमतौर पर इस तरह की बिड मे उन्हे बैंको को बुलाया जाता है जहा पहले से प्राधिकरण का खाता खुला हुआ है लेकिन इस मामले मे नियमो को ताक पर रखकर बैकं आॅफ इंडिया को बोली के लिए बुलाया गया।

बिड के दौरान कुछ बैंको की और से सवाल भी उठाए गए थे उन्होने बैंक आफॅ इंडिया को बुलाने पर आपति जाहिर की थी यहां सबसे बडा सवाल यी भी है कि ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि बैंक को बिड मे शामिल कराया गया जिस बैंक मे प्राधिकरण का खाता भी नही है आशंका जताई जा रही है कि इसमे कुछ अन्य सकती है खुलासा अभी तक नही हुआ है जांच के बाद स्पष्ट होगा कि वह किससे मिले थे।