Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● UP Politics: उम्मीदवार चयन विवाद पर मायावती का पलटवार, मिशन-2027 को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना ● कोलकाता एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला! इंडिगो फ्लाइट पर गिरी बिजली, 141 यात्री सुरक्षित ● UP Politics: ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- अगले जन्म में बनेंगे मुख्यमंत्री.... ● नोएडा के खिलाड़ियों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच, सर्बिया में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर ● Itel और AWF की बड़ी पहल: ग्रेटर नोएडा को मिला आधुनिक कचरा प्रबंधन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत ● गौतमबुद्धनगर बना सड़क सुरक्षा का मॉडल, ‘Zero Fatality District’ परियोजना से दुर्घटनाओं और मौतों में रिकॉर्ड कमी ● Greater Noida News: सेक्टर-36 के मुख्य द्वार पर शराब की दुकान का विरोध, आबकारी मंत्री से मिले RWA अध्यक्ष ● गौड़ सिटी सेंटर चौराहे पर सक्रिय हुआ गाड़ी का शीशा तोड़कर चोरी करने वाला गिरोह, एक दिन में दो वारदातें ● YEIDA: ग्रेटर नोएडा में 18 जून को होगा आवासीय भूखंडों का आवंटन ● ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को रेलवे बोर्ड से NOC, 7.5 किमी रूट पर बनेंगे 5 नए स्टेशन

मल्टी मॉडल लॉजिस्टक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए पूरी जमीन मिलने का रास्ता साफ, चार गांवों के किसानों की परिसंपत्तियों का भुगतान करने पर बोर्ड ने लगाई मुहर

top-news

ग्रेटर नोएडा। कपिल चौधरी

ग्रेटर नोएडा की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं मल्टी मॉडल लॉजिस्टक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को अब पंख लग जाएंगे। इन दोनों परियोजनाओं के लिए जमीन की अड़चन अब खत्म हो जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए चार गावों की 44 हेक्टेयर जमीन पर परिसंपत्तियों की कीमत अदा करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तैयार हो गया है। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित 130 वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इस बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण, नोएडा- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ अमनदीप डुली व एसीईओ आनंद वर्धन समेत अन्य सदस्यगण शामिल हुए।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए 14 गांवों की 478 हेक्टेयर जमीन की दरकार है, जिसमें से 83 हेक्टेयर को छोड़कर शेष जमीन पूर्व में ही प्राप्त कर ली गई है। ये 83 हेक्टेयर जमीन चिटेहरा, कठहेड़ा, बोड़ाकी व पल्ला गांव की है। हाल ही में इस 83 में से 39 हेक्टेयर जमीन और भी प्राप्त हो गई है। शेष 44 हेक्टेयर जमीन में किसानों की परिसंपत्तियां हैं। किसान इन परिसंपत्तियों की कीमत मांग रहे हैं, जिनकी वजह से से जमीन नहीं मिल पा रही थी और दोनों अहम परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रहीं थीं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी की पहल पर ये प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखा गया। बोर्ड ने इस पर अनुमति दे दी है। इन चार गांवों की 44 हेक्टेयर जमीन में स्थित परिसंपत्तियों की कीमत का आकलन किया गया, जिससे लगभग 66.76 करोड़ रुपये का खर्च प्राधिकरण पर आएगा। बता दें, कि किसानों की परिसंपत्तियों का भुगतान पर अब तक निर्णय न हो पाने के कारण इन दोनों परियोजनाओं के लिए जमीन नहीं मिल पा रही थी। लंबे समय से यह मसला अटका हुआ था। अब यह मसला सुलझ गया है और अब दोनों परियोजनाएं रफ्तार पकड़ सकेंगी। यह यहां के किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि है।

मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब व लॉजिस्टिक हब पर एक नजर

बोड़ाकी के पास प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए 14 गांवों, दादरी, जुनपत, चिटेहरा, कठहेड़ा, पल्ला, पाली, बोड़ाकी, थापखेड़ा आदि की जमीन ली जा रही है। 478 हेक्टेयर जमीन पर ये दोनों प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब अंतर्गत रेलवे, बस अड्डा व मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। बोड़ाकी के पास ही रेलवे टर्मिनल बनाया जाएगा। इस पर रेलवे ने मंजूरी भी दे दी है। यहां से पूरब की ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनें चलेंगी। इससे दिल्ली, नई दिल्ली और आनंद विहार टर्मिनल पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। ट्रांसपोर्ट हब में ही अंतर्राज्यीय बस अड्डा भी बनेगा। मौजूदा नोएडा-ग्रेनो मेट्रो रूट का विस्तार मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक होना है। ट्रांसपोर्ट हब से लोकल बसें भी चलाई जाएंगी। वहीं, लॉजिस्टिक हब से उद्योगों के लिए माल ढुलाई की राह आसान हो जाएगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के उद्योगों की जरूरत को देखते हुए यह परियोजना बेहद अहम है। मुंबई, गुजरात आदि जगहों पर जाने में चार से पांच दिन लगता है, इसके शुरू होने के बाद माल डेढ़ दिन में पहुंच सकेगा। लॉजिस्टिक हब में वेयर हाउस भी बनेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *