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बेटी के जन्मदिवस पर राघवेंद्र ने रच दी थी मानसी की हत्या की साजिश, तकिया से मुंह दबाकर मर्डर की पुष्टि

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ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के देवला गांव में हुई दो साल की बच्ची मानसी की हत्या की साजिश एक साल पहले ही जन्मदिवस के दिन रच दी गई थी, जब आरोपित राघवेंद्र व पीड़ित पिता शिवकुमार के बीच पत्नी के घर पर जाकर खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि बच्ची की हत्या तकिया से मुंह व हाथ से गला दबाकर की गई है।
7 अप्रैल को हुई थी हत्या
हत्या सात अप्रैल की दोपहर दो बजे से चार बजे के बीच की गई है। आरोपित को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। दरअसल, एक साल पहले राघवेंद्र की बेटी का जन्मदिवस था। मोहल्ले के सभी बच्चों को खाने पर बुलाया था। खाना बनाने में हाथ बंटाने के लिए राघवेंद्र ने शिवकुमार की पत्नी को घर बुला लिया था।
यह बात शिवकुमार को बुरी लगी कि उसकी पत्नी बिना उसको बताए पड़ोसी के घर खाना बनाने क्यों चली गई। उस दिन राघवेंद्र व शिवकुमार दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ था। राघवेंद्र को यह बात बुरी लगी कि उसकी बेटी के जन्मदिवस वाले दिन पड़ोसी ने झगड़ा किया। उसी दिन उसने तय कर लिया था कि वह शिवकुमार की दुनिया से बेटी का नामों निशान मिटा देगा।
इसी वजह से उसने शिवकुमार की बेटी को अपने कमरे में ले जाकर उसकी हत्या कर दी और दो दिन तक शव कमरे में हैंगर पर बैग के अंदर रखा रहा। हैंगर दरवाजे के पीछे टंगा था। सात अप्रैल यानी शुक्रवार दोपहर दो बजे गायब हुई बच्ची को स्वजन व पुलिस दो दिन तक ढूंढते रहे। रविवार शाम आरोपित राघवेंद्र के कमरे से बाहर आने वाली नाली में लोगों ने खून देखा और पुलिस को बताया।
खून बहने से शव तक पहुंची पुलिस
पुलिस कमरा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। बदबू आने पर शक हुआ कि शव कमरे में है। दरवाजे के पीछे देखने पर पता चला कि खून की बूंद वही से टपक कर नाली तक पहुंची। जब भी किसी बच्ची के नाक पर तकिया रखकर दबाया जाता है और शव को मोड़ कर बैग में रख दिया जाता है कि नस फटने से नाक से खून निकलने लगता है। इस केस में भी ऐसा ही हुआ है।