Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● UP Politics: उम्मीदवार चयन विवाद पर मायावती का पलटवार, मिशन-2027 को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना ● कोलकाता एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला! इंडिगो फ्लाइट पर गिरी बिजली, 141 यात्री सुरक्षित ● UP Politics: ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- अगले जन्म में बनेंगे मुख्यमंत्री.... ● नोएडा के खिलाड़ियों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच, सर्बिया में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर ● Itel और AWF की बड़ी पहल: ग्रेटर नोएडा को मिला आधुनिक कचरा प्रबंधन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत ● गौतमबुद्धनगर बना सड़क सुरक्षा का मॉडल, ‘Zero Fatality District’ परियोजना से दुर्घटनाओं और मौतों में रिकॉर्ड कमी ● Greater Noida News: सेक्टर-36 के मुख्य द्वार पर शराब की दुकान का विरोध, आबकारी मंत्री से मिले RWA अध्यक्ष ● गौड़ सिटी सेंटर चौराहे पर सक्रिय हुआ गाड़ी का शीशा तोड़कर चोरी करने वाला गिरोह, एक दिन में दो वारदातें ● YEIDA: ग्रेटर नोएडा में 18 जून को होगा आवासीय भूखंडों का आवंटन ● ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को रेलवे बोर्ड से NOC, 7.5 किमी रूट पर बनेंगे 5 नए स्टेशन

6 साल की बच्ची के नहीं टूटे हौसले, कोर्ट में देती थी बेझिझक बयान; बहन से दुष्कर्म के दोषी को हुई फांसी की सजा

top-news

गाजियाबाद। 6 साल की बच्ची ने ममेरी बहन को न्याय दिलाने के लिए छह महीने तक कोर्ट के चक्कर लगाए। मजिस्ट्रेट के सामने बेझिझक होकर बयान दिए। बिना डरे अपने बयानों पर वह टिकी रही। बच्ची के मन में ममेरी बहन को न्याय दिलाने की इच्छा थी। शुरुआत में तो पुलिस को भी लगा था कि छह साल की बच्ची कैसे बयान देगी। बच्ची के घबराने की भी चिंता थी, लेकिन बच्ची के जज्बे को देखकर सब हैरान रहे। अधिकांश केस बच्ची के बयानों पर ही टिका रहा। बच्ची द्वारा सीआरपीसी 161 व 164 के तहत दिए बयान आरोपित को सजा दिलाने में मददगार साबित हुए।
बच्ची पर भी थी आरोपित की गंदी नजर
मामले के विवेचक मोदीनगर के तत्कालीन एसएचओ योगेंद्र सिंह बताते हैं कि मृतका की ममेरी बहन छह वर्षीय बच्ची ही घटनाक्रम की प्रत्यक्षदर्शी थी। आरोपित उसे भी दुष्कर्म के इरादे से लेकर गया था, लेकिन बच्ची वहां से भाग आई थी। वह रोते हुए आरोपित की दरिंदगी के बारे में बताती थी। बच्ची मूलरूप से लोनी थानाक्षेत्र की रहने वाली है। यहां मोदीनगर के एक गांव में अपने नाना के यहां रहती है।
अगस्त 2022 में जन्माष्टमी के दिन ममेरी बहन के साथ घर के पास अपने दोस्तों के साथ खेल रही थी। जब आरोपित उन्हें अपने साथ लेकर गया तो दोस्तों ने उसे देखा। पुलिस ने इन दोस्तों को भी गवाह बनाया था। कुछ महीने पहले गांव में चर्चा थी कि गवाहों को अपने बयान से मुकरने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले में कुछ लोग फैसला कराना चाहते हैं, लेकिन बयान से मुकरने से सभी ने मना कर दिया।
पीड़ा से चीखते हुए बच्ची ने खींचे थे आराेपित के बाल
आरोपित खेत में बयान देने वाली बच्ची की 9 साल की बहन की अस्मत लूट रहा था। वह पीड़ा से चीख रही थी, लेकिन उसकी आवाज खेतों में ही दबी रही। पीड़ा में मासूम ने बचने के लिए आरोपित के बालों को खींचा। बाल टूटकर मासूम की मुट्ठी में फंस गए। आरोपित के हाथ पर नाखून भी मारे, लेकिन उसे पीड़िता पर दया नहीं आई। पुलिस ने इन बालों और नाखून के नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *