Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Trump Tariff: पीएम मोदी ने ट्रंप की कॉल्स ठुकराईं, US-India Trade Tensions पर बढ़ा विवाद

Trump Tariff: अमेरिका और भारत के बीच trade tensions लगातार गहराते जा रहे हैं। जर्मन अखबार Frankfurter Allgemeine Zeitung (FAZ) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चार कॉल्स का जवाब देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट का दावा है कि यह इनकार मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए 25% tariffs और रूस से crude oil खरीदने को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है।
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Trump Tariff: अमेरिका और भारत के बीच trade tensions लगातार गहराते जा रहे हैं। जर्मन अखबार Frankfurter Allgemeine Zeitung (FAZ) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चार कॉल्स का जवाब देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट का दावा है कि यह इनकार मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए 25% tariffs और रूस से crude oil खरीदने को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है।


Trump Tariff: जापान के अखबार में छपि ये रिपोर्ट 

जापान की Nikkei Asia ने भी इसी तरह की रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया है कि US-India संबंध, जिन्हें कभी “the most consequential partnership of the 21st century” कहा गया था, अब तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने कई बार कॉल करके समझौते का रास्ता तलाशने की कोशिश की, लेकिन मोदी ने फोन उठाने से मना कर दिया। माना जा रहा है कि भारत को आशंका थी कि ट्रंप वार्ता के नतीजों को misrepresent कर सकते हैं, खासकर India-Pakistan मुद्दों पर।


जाने क्यों ट्रंप के निमंत्रण को मोदी ने ठुकराया 

खबरों के अनुसार, पीएम मोदी ने जून में G20 Summit (Canada) के बाद भी ट्रंप का अंतिम समय का निमंत्रण ठुकरा दिया था। ट्रंप चाहते थे कि मोदी व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के साथ मौजूद रहें, ताकि वह खुद को “peacemaker” के रूप में पेश कर सकें। भारत ने इसे “आतंकवाद के शिकार और आतंकवाद के गुनहगार” के बीच झूठी समानता बताकर सख्ती से खारिज कर दिया।


पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कही ये बड़ी बात 

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार John Bolton ने लिखा कि भारत खुद को गहराई से आहत महसूस कर रहा है क्योंकि उसे tariff और sanction threats का सामना करना पड़ा है, जबकि चीन और रूस पर अपेक्षाकृत कम दबाव डाला गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह diplomatic deadlock लंबा खिंचता है, तो US-India relations और ज्यादा खराब हो सकते हैं।

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