जंग का असर: पेट्रोल की लड़ाई के बाद बोतलबंद पानी भी महंगा, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से कंपनियों पर झटका
- sakshi choudhary
- 12 Mar, 2026
उत्तर प्रदेश में बोतलबंद पानी का बाजार अब पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण कच्चे माल और परिवहन लागत में भारी वृद्धि देखी जा रही है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर - एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश पैकेज्ड वॉटर एसोसिएशन ने बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए बोतलबंद पानी के दाम बढ़ा दिए हैं। इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
बोतलों और प्रीफॉर्म की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पीईटी रेजिन की कीमतें लगभग 25.75 रुपये प्रति किलो बढ़ गई हैं। इसके अलावा, हाई-डेंसिटी पॉलीइथिलीन (एचडीपीई) में 15,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन और लो डेंसिटी पॉलीइथिलीन (एलडीपीई) में 17,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। अन्य पॉलिमर में भी भारी इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ा है। कंपनियों के लिए उत्पाद उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है और कीमतों में संशोधन अनिवार्य हो गया है।
कंपनियों ने नई दरों के तहत 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों के डिब्बों में 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 55-60 लाख बोतलों की खपत होती है, जिससे यह वृद्धि आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो अगले सात दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। भू-राजनीतिक तनाव ने न केवल पैकेजिंग और उत्पादन पर असर डाला है बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी गंभीर प्रभाव डाला है।