Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Protest in Nepal: नेपाल में सोशल मीडिया बैन से भड़की हिंसा, सरकार के फैसले पर पत्रकारों और युवाओं का गुस्सा

Protest in Nepal: नेपाल में हाल ही में सरकार ने Social Media Ban लागू कर दिया है, जिसके बाद देशभर में विरोध और हिंसा की स्थिति पैदा हो गई है। एक्स (X), फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और यूट्यूब (YouTube) समेत 26 प्लेटफॉर्म्स को अचानक बंद कर दिया गया। सरकार का कहना है कि ये सभी प्लेटफॉर्म्स बिना official registration के चल रहे थे और निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। हालांकि, इस फैसले ने आम लोगों को झटका दिया है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया जा रहा है।
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Protest in Nepal: नेपाल में हाल ही में सरकार ने Social Media Ban लागू कर दिया है, जिसके बाद देशभर में विरोध और हिंसा की स्थिति पैदा हो गई है। एक्स (X), फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और यूट्यूब (YouTube) समेत 26 प्लेटफॉर्म्स को अचानक बंद कर दिया गया। सरकार का कहना है कि ये सभी प्लेटफॉर्म्स बिना official registration के चल रहे थे और निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। हालांकि, इस फैसले ने आम लोगों को झटका दिया है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया जा रहा है।


सरकार के मुताबिक, नेपाल में 2023 में बने सोशल नेटवर्क मैनेजमेंट नियमों के तहत सभी प्लेटफॉर्म्स को local office खोलना था, grievance officer नियुक्त करना था और self-regulation system लागू करना था। लेकिन मेटा (Meta), Alphabet, X और Reddit जैसे बड़े टेक दिग्गजों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। परिणामस्वरूप, सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया। फिलहाल नेपाल में केवल Viber, TikTok, WeTalk और Nimbuzz जैसे पंजीकृत एप्स ही काम कर रहे हैं।


इस फैसले के बाद नेपाल में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पत्रकारों और मानवाधिकार संगठनों ने सरकार पर अभिव्यक्ति की आज़ादी को दबाने का आरोप लगाया है। नेपाल जर्नलिस्ट फेडरेशन ने कहा कि यह कदम संविधान के खिलाफ है। वहीं, युवाओं ने भी सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। रविवार को काठमांडू में संसद भवन के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।


विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जल्दबाजी में यह कदम उठाया है। कोर्ट ने पांच साल पुरानी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सोशल मीडिया कंपनियों के पंजीकरण को लेकर आदेश जारी किया था। हालांकि, विपक्ष और आम लोग इसे सरकार का नियंत्रण बढ़ाने का तरीका मान रहे हैं। ऐसे में नेपाल में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और Social Media Ban in Nepal अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

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