Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Nepal Protest: नेपाल में बढ़ा Gen-Z आंदोलन! हिंसा और अशांति के बीच भारतीय नागरिक लौटे भारत

Nepal Protest: नेपाल में हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। Gen-Z Protest के कारण भड़की हिंसा ने देश की राजनीतिक स्थिरता को हिला दिया है। भ्रष्टाचार (Corruption) और पारदर्शिता (Transparency) की मांग को लेकर छात्रों व युवाओं का आंदोलन अब उग्र हो गया है। काठमांडो (Kathmandu), पोखरा, बुटवल और बीरगंज जैसे प्रमुख शहरों में Curfew लागू कर दिया गया है। वहीं, हालात बिगड़ने के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक नेपाल-भारत सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के पानीटंकी (Panitanki Border) से सुरक्षित भारत लौट आए। नागरिकों ने भारत पहुंचकर कहा कि “अब जान वापस आ गई है।”
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Nepal Protest: नेपाल में हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। Gen-Z Protest के कारण भड़की हिंसा ने देश की राजनीतिक स्थिरता को हिला दिया है। भ्रष्टाचार (Corruption) और पारदर्शिता (Transparency) की मांग को लेकर छात्रों व युवाओं का आंदोलन अब उग्र हो गया है। काठमांडो (Kathmandu), पोखरा, बुटवल और बीरगंज जैसे प्रमुख शहरों में Curfew लागू कर दिया गया है। वहीं, हालात बिगड़ने के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक नेपाल-भारत सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के पानीटंकी (Panitanki Border) से सुरक्षित भारत लौट आए। नागरिकों ने भारत पहुंचकर कहा कि “अब जान वापस आ गई है।”


नेपाल में सोमवार को Facebook और YouTube समेत 26 Social Media Platforms पर पाबंदी लगाए जाने के बाद हालात और भड़क गए। सरकार ने देर रात Ban हटाया, लेकिन आंदोलन और तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सिंह दरबार (Singh Durbar), संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट समेत कई सरकारी संस्थानों में आगजनी और तोड़फोड़ की। सिंह दरबार पूरी तरह से जलकर राख हो गया है, जिसमें प्रधानमंत्री और मंत्रियों के दफ्तर मौजूद थे।


स्थिति गंभीर होने पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (K.P. Sharma Oli) ने इस्तीफा दे दिया। प्रदर्शनकारियों ने पीएम ओली के बालकोट स्थित घर के अलावा पूर्व पीएम प्रचंड (Pushpa Kamal Dahal Prachanda), कांग्रेस महासचिव गगन थापा (Gagan Thapa) और अन्य बड़े नेताओं के आवासों को भी निशाना बनाया। अब तक हुई झड़पों में करीब 20 लोगों की मौत और 500 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। हालात को काबू में रखने के लिए काठमांडो समेत कई शहरों में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।


विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों के लिए Travel Advisory जारी की है। दूतावास ने नेपाल में फंसे भारतीयों से अपील की है कि वे घरों से बाहर न निकलें और सतर्क रहें। वहीं, नेपाल का रोजगार संकट (Job Crisis) भी इस अशांति की एक बड़ी वजह माना जा रहा है, क्योंकि लगभग 5,000 युवा हर दिन रोजगार की तलाश में देश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि Transparency और Accountability पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो Nepal Crisis और गहराएगा।

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