Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Supreme Court: शिक्षकों के लिए TET अनिवार्यता पर यूपी सरकार सख्त, CM योगी ने दिया Revision Filing का निर्देश

Supreme Court: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षकों के लिए Teacher Eligibility Test (TET) को अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि इस आदेश पर तुरंत Revision Petition दाखिल किया जाए। सीएम योगी का कहना है कि प्रदेश के शिक्षक लंबे समय से कार्यरत और अनुभवी हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं और योग्यता को अनदेखा करना उचित नहीं है।
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Supreme Court: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षकों के लिए Teacher Eligibility Test (TET) को अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि इस आदेश पर तुरंत Revision Petition दाखिल किया जाए। सीएम योगी का कहना है कि प्रदेश के शिक्षक लंबे समय से कार्यरत और अनुभवी हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं और योग्यता को अनदेखा करना उचित नहीं है।


मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार समय-समय पर शिक्षकों को Training Programs और Skill Development Workshops के माध्यम से प्रशिक्षित करती रही है। उन्होंने कहा कि कई शिक्षक वर्षों से सेवा दे रहे हैं और उनकी दक्षता बच्चों के भविष्य निर्माण में साबित हो चुकी है। ऐसे में केवल TET की कसौटी पर उनकी योग्यता को आंकना न्यायसंगत नहीं है।


इस फैसले का स्वागत UP Teachers Federation ने भी किया है। फेडरेशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री के निर्णय को शिक्षक हित में बताते हुए कहा कि यह कदम हजारों शिक्षकों को राहत देगा। उन्होंने आग्रह किया कि विभाग रिवीजन दाखिल करने से पहले NCTE से यह स्पष्ट कराए कि RTE-2009 Section 23(2) का संशोधन उन शिक्षकों पर लागू नहीं होता है जिन्हें आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त किया गया था।


शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रिवीजन सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार हो जाता है तो राज्य के हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी। साथ ही प्रदेश के शिक्षा ढांचे में स्थिरता बनी रहेगी। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि Basic Shiksha Vibhag इस रिवीजन को कब दाखिल करता है और आगे सुप्रीम कोर्ट में इस पर क्या निर्णय आता है।

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