Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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PM Kisan Samman Nidhi Scheme: बरेली में किसान सम्मान निधि घोटाला: 3.49 लाख लाभार्थियों की किस्त रोकी, अपात्रों से होगी Recovery

बरेली जिले में PM Kisan Samman Nidhi Scheme के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि यहां आयकरदाता, मृतक किसानों के नाम और यहां तक कि 18 साल से कम उम्र के किशोरों के खाते में भी सम्मान निधि की रकम भेजी जा रही थी। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद जिले में 3.49 लाख से अधिक लोगों की किसान सम्मान निधि रोक दी गई है। अब इन लाभार्थियों की पात्रता की गहन जांच की जाएगी और गलत तरीके से प्राप्त राशि की Recovery भी होगी।
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बरेली जिले में PM Kisan Samman Nidhi Scheme के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि यहां आयकरदाता, मृतक किसानों के नाम और यहां तक कि 18 साल से कम उम्र के किशोरों के खाते में भी सम्मान निधि की रकम भेजी जा रही थी। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद जिले में 3.49 लाख से अधिक लोगों की किसान सम्मान निधि रोक दी गई है। अब इन लाभार्थियों की पात्रता की गहन जांच की जाएगी और गलत तरीके से प्राप्त राशि की Recovery भी होगी।


जांच में पांच श्रेणियों के अपात्र सामने आए हैं। इनमें 627 नाबालिग, 12,430 पति-पत्नी, मृतक किसानों के खाते, बड़े पैमाने पर आयकरदाता और फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदने वाले लोग शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मृत किसानों के वारिस भी खतौनी में नाम जुड़वाकर योजना का लाभ उठा रहे थे। इस तरह योजना के मूल उद्देश्य से हटकर कई फर्जी लाभार्थियों ने लाखों रुपए की रकम प्राप्त कर ली।


Verification process भी तेजी से चल रहा है। उप कृषि निदेशक ने बताया कि अब तक की जांच में 627 नाबालिग पूरी तरह अपात्र पाए गए हैं। वहीं 12,430 पति-पत्नी की लिस्ट में से 10,430 मामलों में दोनों को लाभ मिलता पाया गया है। शेष दो हजार लोगों का डाटा अभी जांच में है। विभाग ने साफ किया कि सत्यापन में अपात्र पाए गए सभी से अब तक मिली पूरी धनराशि वसूली जाएगी।


आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त 2024 में 5,45,465 किसानों को सम्मान निधि दी गई थी। इसके बाद 22 फरवरी 2025 को यह संख्या 2,82,735 पर आ गई और अगस्त 2025 में सिर्फ 1,95,719 किसानों को ही लाभ मिल सका। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा पकड़ने के बाद कई लाभार्थियों की किस्तें रोक दी गई हैं। अब आगे Govt guidelines के आधार पर कार्रवाई तय होगी।