Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा में अवैध कूड़ा डंपिंग पर सख्ती, जीटा वन में चार ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी गईं, एक लाख रुपये का जुर्माना ● राम मंदिर दान पेटिका विवाद: दूसरी बार मंदिर पहुंची SIT, पुजारियों और ट्रस्ट पदाधिकारियों से होगी पूछताछ ● ममता बनर्जी ने भवानीपुर हार को दी हाईकोर्ट में चुनौती, शुभेंदु अधिकारी की जीत पर उठाए सवाल ● Noida International Airport: अपनी जमीन देने वाले किसानों ने भरी पहली उड़ान, 104 वर्षीय राजवती देवी हुईं भावुक ● Delhi-NCR Weather Update: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में झमाझम बारिश, गर्मी से राहत लेकिन बढ़ेगी उमस ● दिल्ली में AAP कार्यकर्ता मोहम्मद राशिद की गोली मारकर हत्या, रंगदारी विवाद में 15 राउंड फायरिंग से दहला नेहरू विहार ● जेवर से लखनऊ की पहली उड़ान: किसानों के सम्मान में सीएम योगी का संदेश, कहा- अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवर ● पाली गांव में बिजली संकट पर ग्रामीणों का अल्टीमेटम, 33 केवी उपकेंद्र से सप्लाई जोड़ने की मांग; 15 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी ● ब्रेकअप के बाद आत्मघाती कदम उठाने जा रहे युवक की जेवर पुलिस ने बचाई जान, इंस्टाग्राम पोस्ट से मिला था अलर्ट ● दादरी के पल्ला गांव से सपा ने फूंका विधानसभा चुनाव का बिगुल, जन पंचायत में भाजपा सरकार पर साधा निशाना

National Herald Case: राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बड़ी राहत, ED की चार्जशीट पर कोर्ट ने संज्ञान लेने से किया इनकार

नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है।
top-news

नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। इस केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ ED की कार्रवाई फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौजूदा चरण में चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता क्योंकि ED का मामला किसी FIR पर आधारित नहीं है, बल्कि यह सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक private complaint और मजिस्ट्रेट के समन आदेशों पर आधारित है। हालांकि, अदालत ने ED को आगे जांच जारी रखने की अनुमति दी है।


कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई नई FIR की कॉपी आरोपियों को दिए जाने का कोई अधिकार नहीं बनता। अदालत के अनुसार, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपी इस FIR की प्रतिलिपि पाने के हकदार नहीं हैं। इससे पहले ED ने अप्रैल महीने में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें यंग इंडियन (Young Indian), एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और अन्य नाम शामिल थे। अदालत ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लेने से संबंधित आदेश को 16 दिसंबर तक सुरक्षित रखा था।

कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस पार्टी ने इसे truth की victory बताया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के तहत यह कार्रवाई की गई थी। पार्टी के अनुसार, अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध FIR के ED के पास कोई jurisdiction नहीं बनता। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला विपक्षी नेताओं के खिलाफ misuse of agencies के आरोपों को मजबूत करता है। वहीं, इस केस से जुड़ी आगे की legal proceedings और investigation पर सभी की नजर बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *