Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण, मिलेगा लाभ ● यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण, परिवहन और कारागार विभाग की भर्ती में मिलेगा लाभ ● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस ● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद ● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन ● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख ● ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण अधिकारियों के साथ RWA की बैठक, समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन ● ग्रेटर नोएडा में तीन नए सब-रजिस्ट्रार की तैनाती, दादरी-गामा-2 और जेवर की जिम्मेदारी बदली ● BRICS Summit: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान, हजारों वाहनों की जांच और सैकड़ों पर कार्रवाई ● ग्रेटर नोएडा में चैंबर निर्माण को लेकर वकीलों का हंगामा, शिलापट तोड़ा और सामान बाहर फेंका

अमेरिका की कार्रवाई से वेनेजुएला तेल सेक्टर में बदलाव, भारत को मिल सकता है अरबों डॉलर का फायदा

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़े बदलाव की संभावना बन गई है।
top-news

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़े बदलाव की संभावना बन गई है। भारत सरकार ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताई है, लेकिन बदले हालात भारत के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं। लंबे समय से अटके भारत के करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर के बकाया भुगतान की वसूली का रास्ता खुल सकता है और वेनेजुएला में भारतीय कंपनियों द्वारा तेल उत्पादन दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।


अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले भारत वेनेजुएला से रोजाना चार लाख बैरल से ज्यादा कच्चे तेल का आयात करता था। प्रतिबंधों के कारण 2022 में यह आयात बंद करना पड़ा। ओएनजीसी विदेश लिमिटेड पूर्वी वेनेजुएला के सैन क्रिस्टोबल तेल क्षेत्र में संयुक्त संचालन करती है, लेकिन तकनीक और उपकरणों की कमी के चलते उत्पादन घटकर पांच से दस हजार बैरल प्रतिदिन रह गया। अब प्रतिबंधों में ढील मिलने की संभावना से उत्पादन बढ़ने और अटके बकाये की भरपाई की उम्मीद जताई जा रही है।

इस घटनाक्रम का असर रूस पर भी पड़ सकता है। भारत हाल के वर्षों में तेल आयात के लिए विविध स्रोत तलाश रहा है और वेनेजुएला से खरीद बढ़ने पर रूस से आयात कम हो सकता है। ओएनजीसी और अन्य भारतीय कंपनियां कैराबोबो-1 जैसे भारी तेल क्षेत्रों में भी निवेश कर सकती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की भूमिका से वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी PdVSA के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जिससे वैश्विक तेल उत्पादन और आपूर्ति संतुलन पर असर पड़ेगा।