Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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India-EU Ties Strengthen: गणतंत्र दिवस पर EU Leaders की मौजूदगी को PM Modi ने बताया Strategic Partnership का संकेत

भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक कूटनीतिक संदेश के साथ मनाया, जब पहली बार यूरोपीय संघ (European Union) के दो शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए।
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भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक कूटनीतिक संदेश के साथ मनाया, जब पहली बार यूरोपीय संघ (European Union) के दो शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी ने India-EU Relations को नई मजबूती देने का संकेत दिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों नेताओं के साथ तस्वीरें साझा कीं।


प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में EU Leaders की उपस्थिति भारत-ईयू साझेदारी की बढ़ती ताकत और साझा मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत और यूरोप के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग को और गति देगा। पीएम मोदी के अनुसार, दोनों पक्षों के रिश्ते अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और विकास से भी जुड़े हैं।

गणतंत्र दिवस के बाद 27 जनवरी को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है, जिसमें Free Trade Agreement, Strategic Defence Partnership और भारतीय पेशेवरों की mobility जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। उर्सुला वॉन डेर लेयेन पहले ही इस समझौते को “Mother of all Trade Deals” बता चुकी हैं। ऐसे में यह यात्रा India-EU Partnership को आर्थिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

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