Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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यूजीसी नियम 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

यूजीसी के नए नियमों यानी UGC Regulations 2026 को लेकर देशभर में उठे विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगा दी है।
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यूजीसी के नए नियमों यानी UGC Regulations 2026 को लेकर देशभर में उठे विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगा दी है। गुरुवार को रीट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक वर्ष 2012 के नियम ही लागू रहेंगे। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की है। कोर्ट के इस फैसले के बाद Higher Education, Equality in Education और Reservation Policy जैसे मुद्दे एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गए हैं।


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष की ओर से लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि छात्रों के साथ जाति के आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव को रोकने के लिए इस पर दोबारा चर्चा जरूरी है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार सामाजिक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है, जबकि टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कोर्ट के फैसले को सही बताते हुए कहा कि यूजीसी की गाइडलाइन असंवैधानिक थी।

इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि दोषियों को सजा और निर्दोषों को न्याय मिलना चाहिए, वहीं आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने की मांग की और ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की बात कही। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि सरकार ने कभी भेदभाव नहीं किया। इस पूरे घटनाक्रम ने UGC Rules, Supreme Court Verdict और Student Rights जैसे विषयों को फिर से चर्चा में ला दिया है।

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