Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस
● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद
● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख
● ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण अधिकारियों के साथ RWA की बैठक, समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन
● ग्रेटर नोएडा में तीन नए सब-रजिस्ट्रार की तैनाती, दादरी-गामा-2 और जेवर की जिम्मेदारी बदली
● BRICS Summit: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान, हजारों वाहनों की जांच और सैकड़ों पर कार्रवाई
● ग्रेटर नोएडा में चैंबर निर्माण को लेकर वकीलों का हंगामा, शिलापट तोड़ा और सामान बाहर फेंका
● भारत का निर्यात 43.81 अरब डॉलर पार, व्यापार घाटा घटा
● यूपी के वकीलों को बड़ा तोहफा, 5 लाख तक मिलेगा कैशलेस इलाज; 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट
Parliament Row: Rahul Gandhi पर Breach of Privilege Motion लाने की तैयारी, सरकार ने शाम 5 बजे तक मांगा जवाब
संसद में आज सियासी घमासान उस समय तेज हो गया जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर गलतबयानी और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
- sakshi choudhary
- 11 Feb, 2026
संसद में आज सियासी घमासान उस समय तेज हो गया जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर गलतबयानी और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन संसदीय नियमों के तहत न तो पूर्व सूचना दी गई और न ही कोई ठोस दस्तावेज पेश किए गए। सरकार ने राहुल गांधी से शाम 5 बजे तक अपने बयान पर माफी मांगने को कहा है, अन्यथा उनके खिलाफ Breach of Privilege Motion लाया जाएगा।
रिजिजू ने स्पष्ट किया कि Parliament में किसी भी सदस्य पर गंभीर आरोप लगाने से पहले विधिवत नोटिस और प्रमाण देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाने की स्वतंत्रता है, लेकिन उसके साथ जवाबदेही और प्रक्रियाओं का पालन भी जरूरी है। सरकार स्पीकर को औपचारिक नोटिस सौंपेगी और संसदीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी। उनका दावा है कि सदन में कही गई बातें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थीं और इससे House की गरिमा प्रभावित हुई है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी Rahul Gandhi पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद कोई राजनीतिक मंच नहीं है जहां निराधार आरोप लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई आरोप है तो संबंधित दस्तावेज सदन की मेज पर रखें और हर शब्द की जिम्मेदारी लें। चेयर की गरिमा पर सवाल उठाने को उन्होंने संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया। लगातार बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच Parliament Deadlock की स्थिति बनती दिख रही है और राजनीतिक तापमान और बढ़ने के संकेत हैं।