लोकसभा में टकराव तेज: राहुल गांधी, ओम बिरला और सरकार- विपक्ष के बीच बढ़ा राजनीतिक गतिरोध
- sakshi choudhary
- 11 Feb, 2026
लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर में जाकर अभद्र व्यवहार कर रहे हैं और नियमों का पालन नहीं कर रहे। उनका कहना है कि सदन में बोलने के लिए चेयर की अनुमति अनिवार्य होती है, यहां तक कि प्रधानमंत्री भी अनुमति के बिना नहीं बोल सकते। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की unpublished memoir से जुड़े एक लेख का हवाला देने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद से संसद में लगातार हंगामा हो रहा है।
इस बीच विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए नोटिस दिया है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर blatantly partisan तरीके से काम कर रहे हैं और जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, उन्हें सदन की कार्यवाही से खुद को अलग कर लेना चाहिए। भाजपा ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे संसदीय संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश बताया है। रिजिजू ने 4 फरवरी की कार्यवाही का वीडियो जारी कर विपक्षी सांसदों के व्यवहार पर सवाल उठाए और कहा कि भाजपा व एनडीए सांसद बेहद नाराज थे, लेकिन उन्होंने संयम बरता।
4 फरवरी को स्थिति उस समय चरम पर पहुंच गई जब प्रधानमंत्री Motion of Thanks पर जवाब नहीं दे सके। लगातार नारेबाजी के बीच 5 फरवरी को Motion of Thanks बिना प्रधानमंत्री के पारंपरिक जवाब के ही voice vote से पारित कर दिया गया। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने कांग्रेस सांसदों पर false claims लगाए, जबकि सरकार का कहना है कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए नियमों का पालन जरूरी है। Parliament disruption, Lok Sabha controversy और no-confidence motion जैसे मुद्दों के बीच सियासी माहौल गरमाया हुआ है।
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