Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Parliament Monsoon Session 2026: 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

संसद का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र 2026 अब 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है।
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संसद का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र 2026 अब 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परंपरा के अनुसार मानसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी, जिसके बाद दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाएगी। करीब तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने और पारित कराने की तैयारी में है। सरकार का कहना है कि इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर व्यापक चर्चा, बहस और जरूरी निर्णय लिए जाएंगे। राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि कई संवेदनशील मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे सकते हैं।


इस बार मानसून सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष NEET पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद, तृणमूल कांग्रेस से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम और ग्रेट निकोबार परियोजना जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसके अलावा संसद के भीतर महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनहित के विषयों पर भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को लगातार कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा, जबकि सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर फोकस करेगी। ऐसे में सदन में तीखी नोकझोंक, विरोध प्रदर्शन और कार्यवाही के बाधित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


इससे पहले समाप्त हुए बजट सत्र 2026 में संसद का प्रदर्शन काफी प्रभावी रहा था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार सत्र के दौरान कुल 31 बैठकें आयोजित हुईं और लगभग 151 घंटे 42 मिनट तक कार्यवाही चली। इस दौरान 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए जबकि 9 महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए। इनमें वित्त विधेयक 2026, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, जन विश्वास संशोधन विधेयक, औद्योगिक संबंध संहिता संशोधन विधेयक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक प्रमुख रहे। इसके अलावा 131वें संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक और संघ राज्यक्षेत्र विधि संशोधन विधेयक पर 21 घंटे से अधिक चर्चा हुई, जिसमें 131 सांसदों ने भाग लिया। लगभग 93 प्रतिशत उत्पादकता के साथ संपन्न हुए बजट सत्र के बाद अब सभी की निगाहें मानसून सत्र पर टिकी हैं, जहां सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है।

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